2 पत्नियां, 13 बच्चों को छोड़ पंचायत सदस्य ने की तीसरी शादी, हुआ फरार

एक ओर जहां पूरे देश में तीन तलाक के मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई है, मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर में पंचायत वार्ड सदस्य एक मुस्लिम युवक ने शरीयत कानून का हवाला देते हुए तीसरी शादी की और फरार हो गया. फरार युवक की दो पत्नियां हैं और वह पहले से 13 बच्चों का पिता है.

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तीसरी शादी करने के बाद पति फरार हो गया तीसरी शादी करने के बाद पति फरार हो गया

सुजीत झा

  • मुजफ्फरपुर,
  • 01 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 5:43 PM IST

एक ओर जहां पूरे देश में तीन तलाक के मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई है, मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर में पंचायत वार्ड सदस्य एक मुस्लिम युवक ने शरीयत कानून का हवाला देते हुए तीसरी शादी की और फरार हो गया. फरार युवक की दो पत्नियां हैं और वह पहले से 13 बच्चों का पिता है.

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मामला मुशहरी थाना क्षेत्र के मनिका गांव का है. यहां पुलिस के सामने उस वक्त अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब दो महिलाएं अपने 13 बच्चों के साथ वार्ड सदस्य पति मोहम्मद जब्बार की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंची थीं. दोनों महिलाओं की शिकायत थी कि उनके पति ने तीसरी शादी कर ली है.

गांव की महिला से रचाई तीसरी शादी
मनिका हरिकेश पंचायत के वार्ड-8 सदस्य मोहम्मद को पहली पत्नी नाजिमा खातून से 5 बच्चे और दूसरी पत्नी जमीला खातून से 8 बच्चे हैं. इसके बावजूद 13 बच्चों के पिता को एक बार फिर लग गया और उसने गांव की ही एक अन्य महिला से तीसरी शादी रचा ली. जब्बार ने दोनों पत्नियों को घर खर्च भी देना बंद कर दिया था.

पुलिस ने कहा- पति को पकड़कर लाओ थाने
तीसरी पत्नी के साथ समय बिताना दोनों ही पत्नियों को गवारा नहीं हुआ और दोनों अपने बच्चों के साथ पुलिस थाने पहुंच गईं. पुलिस ने आरोपी पति पर कार्रवाई करने के बजाय खुद ही उन्हें पति को पकड़कर थाने लेकर आने का फरमान सुना दिया. पीड़ित महिलाएं न्याय की आस में मोहम्मद जब्बार को पकड़ने उसके घर पहुंचीं.

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आरोपी पति हो गया फरार
दोनों पत्नियों के घर आने की सूचना मिलते ही मोहम्मद जब्बार घर से हो गया. वहीं जब्बार के पिता ने कहा कि उनका बेटा अपने गलत आचरण के कारण ही समाज द्वारा बहिष्कृत किया जा चुका है. उनके बेटे का परिवार से कोई संबंध नहीं है. एसपी विवेक कुमार ने इस मामले में जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है.

कब तक प्रताड़ित होंगी मुस्लिम महिलाएं
गौरतलब है कि इस तरह के केस सामने आने के बाद सवाल उठता है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ का सहारा लेकर मुस्लिम महिलाएं आखिर कब तक प्रताड़नाओं का शिकार होती रहेंगी. क्या देश की मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसे दंश से कभी छुटकारा मिल पाएगा.

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