लॉकडाउन में जरूरी सेवाओं की आड़ में ट्रकों में ले जाए जा रहे थे प्रवासी मजदूर, गिरफ्तार

इन दोनों ट्रकों को दिल्ली पुलिस की प्रीत विहार सब डिवीजन ने देर रात चेकिंग के दौरान पकड़ा. जब पुलिस ने दोनों ट्रकों को रोका और चेकिंग की, तो उसमें करीब 100 प्रवासी मजदूर सवार मिले. ट्रकों में इन मजदूरों के साथ इनके बच्चे और बुजुर्ग भी मौजूद थे.

Advertisement
सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 11 मई 2020,
  • अपडेटेड 9:19 AM IST

  • दिल्ली पुलिस ट्रकों के ड्राइवर, हेल्पर और मजदूरों से कर रही है पूछताछ
  • 500 से 1500 रुपये लेकर मजदूरों को पहुंचा रहे थे लखनऊ और आजमगढ़

लॉकडाउन में जरूरी सेवाओं की आड़ में प्रवासी मजदूरों को दिल्ली से उत्तर प्रदेश के लखनऊ और आजमगढ़ ले जाने वाले एक गिरोह का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. दिल्ली पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को हिरासत में भी लिया है.

Advertisement

यह गिरोह दिल्ली में अलग-अलग जगह पर काम करने वाले मजदूरों को 500 से 1500 रुपये लेकर उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और लखनऊ ले जा रहा था. इस दौरान जब दिल्ली पुलिस ने चेकिंग की, तो राज खुल गया. इन ट्रकों में जरूरी सेवाओं का कोई सामान नहीं था. सिर्फ प्रवासी मजदूर और उनके परिजन ट्रकों पर सवार थे.

इन दोनों ट्रकों को दिल्ली पुलिस की प्रीत विहार सब डिवीजन ने देर रात चेकिंग के दौरान पकड़ा. जब पुलिस ने दोनों ट्रकों को रोका और चेकिंग की, तो उसमें करीब 100 प्रवासी मजदूर सवार मिले. ट्रकों में इन मजदूरों के साथ इनके बच्चे और बुजुर्ग भी मौजूद थे.

इन दोनों ट्रक को शकरपुर और लक्ष्मी नगर की पिकेट पर रोका गया था. ये ट्रक आजादपुर और कश्मीरी गेट इलाके से लखनऊ और आजमगढ़ के लिए लेकर निकले थे. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इन ट्रकों को इस तरह से पैक किया गया था, जिससे यह पता लगा पाना बेहद मुश्किल था कि इनके अंदर क्या रखकर ले जाया जा रहा है.

Advertisement

इन ट्रकों पर जरूरी सेवाओं का पोस्टर लगे हुए थे और ट्रक ड्राइवर इसका फायदा उठाकर पुलिस को चकमा देने की फिराक में थे. फिलहाल इन ट्रकों के ड्राइवर और हेल्पर को हिरासत में ले लिया गया है और इनसे पूछताछ की जा रही है कि ये प्रवासी मजदूर इनके सम्पर्क में कैसे आए? वहीं, इन मजदूरों का कहना था कि लॉकडाउन के चलते उनका काम बंद हो गया है और खाने के लाले पड़ रहे हैं. लिहाजा वो दिल्ली छोड़कर अपने घर को जाने को मजबूर हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »