2 साल से गायब है ढोंगी बाबा वीरेंद्र देव, CBI के लिए परेशानी

देश के कई शहरों में अध्यात्म की शिक्षा देने के नाम पर महिलाओं और लड़कियों के साथ बलात्कार और शारीरिक शोषण करने के आरोपों से घिरा यह ढोंगी बाबा देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई के लिए एक खोज बनकर रह गया है.

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अब तक सीबीआई नहीं ढूंढ पाई है इस ढोंगी बाबा को अब तक सीबीआई नहीं ढूंढ पाई है इस ढोंगी बाबा को

मुनीष पांडे / आशुतोष कुमार मौर्य

  • नई दिल्ली,
  • 13 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 10:10 PM IST

राजधानी दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम पर अय्याशी का अड्डा चलाने वाला ढोंगी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित भंडाफोड़ होने के बाद से ही गायब है. कोर्ट ने ढोंगी बाबा के वकील और सीबीआई को वीरेंद्र देव को पेश करने का आदेश दिया हुआ है, लेकिन बाबा है कि किसी को मिल ही नहीं रहा.

देश के कई शहरों में अध्यात्म की शिक्षा देने के नाम पर महिलाओं और लड़कियों के साथ बलात्कार और शारीरिक शोषण करने के आरोपों से घिरा यह ढोंगी बाबा देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई के लिए एक खोज बनकर रह गया है.

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अदालत के फ़रमान के बाद सीबीआई ने वीरेंद्र देव की तलाश तो शुरू की, लेकिन अब तक सीबीआई के हाथ जो लगा है उसे जान आप भी सन्न रह जाएंगे. सीबीआई ने बाबा की तलाश में उससे जुड़े हज़ारों लोगों के सीडीआर और बयान दर्ज किए.

लेकिन अब तक वह महज इस नतीजे पर पहुंच सकी है कि 22 अप्रैल, 2015 को देखा गया था. बाबा की लास्ट लोकेशन फ़र्रुखाबाद थी, जब वह अपनी बहन से मिला था.

दिल्ली हाई कोर्ट अब तक वीरेंद्र देव को पेश करने के कई आदेश दे चुकी है, इसके बावजूद सीबीआई बाबा को खोज कर अदालत के सामने पेश करने में अबतक नाकाम रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि बाबा को पिछले कुछ सालों में किसी ने देखा ही नहीं है.

बाबा को खोज निकालने के लिए सीबीआई की कई टीमें देश के हर उस मुमकिन जगह पर गईं जहां बाबा से जुड़े कुछ सुराग़ मिल सकते थे. लेकिन मानो बाबा ने ऐसी जगह समाधि ले ली है कि उसे खोज निकलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो गया है.

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लेकिन यह गुमशुदगी कई सवाल खड़े कर रही है. पहला सवाल तो यह कि जब बाबा 2015 से ही ग़ायब है तो उसके तीन साल बाद उस पर मामला क्यों दर्ज हुआ?

दूसरा अहम सवाल है कि बाबा जब लापता था तो आश्रम के किसी व्यक्ति और उसके श्रद्धालुओं ने उसे खोजने की ज़हमत क्यों नहीं उठाई? और तीसरा सवाल तो यही उठता है कि बाबा की ग़ैरमौजूदगी में इतने सारे आश्रमों का संचालन कौन कर रहा था?

सीबीआई ने इन सवालों के इर्द-गिर्द भी आश्रम और बाबा से जुड़े लोगों से पूछताछ की, लेकिन उसके इसके बावजूद कुछ नहीं लगा. सीबीआई ने बाबा के ख़िलाफ़ दर्ज किए हैं.

आरोप है कि विश्वविद्यालय के नाम पर चलाए जा रहे अय्याशी के आश्रमों में लड़कियों को जबरन बंधक बनाकर रखा जाता था और बाबा उनका यौन शोषण करता था. पीड़ित परिवारों के कई दिन के हंगामे के बाद इस मामले की जांच दिल्ली हाइकोर्ट ने सीबीआई को सौंपी है.

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