धर्मांतरण केसः यूपी एटीएस ने 6 लोगों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, अन्य 4 आरोपियों की जांच जारी

इसी साल 20 जून को यूपी एटीएस ने नई दिल्ली के इस्लामिक दावा सेंटर से जुड़े उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर की गिरफ्तारी के साथ ही देशभर में अवैध धर्मांतरण के रैकेट का भंडाफोड़ किया था.

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पुलिस ने इन दोनों लोगों को पकड़ने के बाद ही इस रैकेट का खुलासा किया पुलिस ने इन दोनों लोगों को पकड़ने के बाद ही इस रैकेट का खुलासा किया

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 20 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 11:27 PM IST
  • धर्मांतरण रैकेट की जांच कर रही है यूपी एटीएस
  • अभी तक 10 लोगों को किया गया है गिरफ्तार
  • 6 लोगों के खिलाफ दायर की गई है चार्जशीट

दिल्ली के इस्लामिक दावा सेंटर के जरिए अवैध धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाले गिरोह का खुलासा करने वाली यूपी एटीएस ने 60 दिन की जांच के बाद 6 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में साफ कहा गया है कि विदेशी फंडिंग से देशव्यापी अवैध धर्मांतरण हो रहा है. यूपी एटीएस ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए उमर गौतम, मुफ्ती काजी जहांगीर के साथ-साथ धर्मान्तरण कर चुके राहुल भोला उर्फ राहुल अहमद, मन्नू यादव उर्फ अब्दुल मन्नान के साथ इरफान शेख और फॉरेन फंडिंग कराने वाले सलाउद्दीन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.

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इसी साल 20 जून को यूपी एटीएस ने नई दिल्ली के इस्लामिक दावा सेंटर से जुड़े उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर की गिरफ्तारी के साथ ही देशभर में अवैध धर्मांतरण के रैकेट का भंडाफोड़ किया था. यूपी एटीएस ने दावा किया कि उस सेंटर के जरिए 1000 से अधिक महिलाओं और मूक बधिर बच्चों, नौजवानों को लालच देकर और उनके मन में दूसरे धर्म के प्रति नफरत पैदा कर धर्मांतरण किया गया है.

एटीएस ने जांच की तो पता चला कि उमर गौतम कई संस्थाओं के जरिए बड़े पैमाने पर विदेशी फंडिंग लेकर इस अवैध धर्मांतरण के अभियान को चला रहा है. यूपी एटीएस ने दूसरी बार एक बड़ी गिरफ्तारी की, जिसमें गुडगांव का रहने वाला मन्नू यादव उर्फ अब्दुल मन्नान, राहुल भोला उर्फ राहुल अहमद भी शामिल था. जांच के दौरान खुलासा हुआ कि मन्नू यादव से अब्दुल मन्नान बनने वाला पहले खुद धर्मांतरण का शिकार हुआ, लेकिन फिर बाद में खुद धर्मांतरण के रैकेट का हिस्सा बन गया और लोगों का धर्मांतरण करने लगा.

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यूपी एटीएस ने महाराष्ट्र के बीड़ से गिरफ्तार इरफान ख्वाजा खान के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की है. इरफान ख्वाजा खान मिनिस्ट्री ऑफ़ चाइल्ड वेलफेयर में ट्रांसलेटर का काम कर चुका था और उसने 2 बार प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों को पीएम के सामने ही मूक बधिर बच्चों को समझाया भी था. यूपी एटीएस की चार्जशीट में आरोप है कि इरफान ख्वाजा मूक बधिर बच्चों को उनकी ही भाषा में समझाता था और धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता था.

एटीएस ने हवाला के जरिए विदेशी फंडिंग कराने में अहम भूमिका निभा रहे सलाउद्दीन के खिलाफ भी चार्जशीट लगाई है. गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार किए गए सलाउद्दीन के जरिए ही उमर गौतम और काजी जहांगीर को विदेशी फंड मुहैया कराया जा रहा था.

एटीएस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ करने और उनकी निशानदेही पर बरामद दस्तावेजों के आधार पर आईपीसी की धारा 417/120 बी/ 153ए/ 153बी 295ए /298  और 3/5/8 उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्मसंपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 के तहत चार्जशीट दाखिल की है.

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एटीएस ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें महाराष्ट्र से पकड़े गए प्रसाद कावरे उर्फ एडम, अर्सलान उर्फ़ भूप्रिय बंदो, कौसर आलम, डॉक्टर फराज़ शामिल है. गिरफ्तार किए गए कुल 10 आरोपियों में यूपी एटीएस ने फिलहाल छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. बाकी चार आरोपियों के लिए यूपी एटीएस की जांच जारी है और जल्द ही बाकी चार आरोपियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की जाएगी.

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