अलीगढ़ में सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता की हत्या का खुलासा, दो पक्षों में समझौता कराना पड़ा महंगा

पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया. संदीप का कत्ल किसी और ने नहीं बल्कि उनके दोस्त ने कराया है. जिनकी पहचान राजीव अग्रवाल और अंकुश अग्रवाल के तौर पर हुई है. अंकुश का अपनी पत्नी और ससुराल वालों से विवाद चल रहा था.

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अलीगंज के कारोबारी संदीप गुप्ता काफी मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्ति थे अलीगंज के कारोबारी संदीप गुप्ता काफी मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्ति थे

अकरम खान

  • अलीगढ़,
  • 29 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 3:51 PM IST
  • 27 दिसंबर को अलीगढ़ में की गई थी हत्या
  • दो परिवारों के बीच विवाद में कराया था समझौता
  • एक पक्ष ने शूटर बुलाकर करा दिया मर्डर

दो परिवारों के बीच चल रहे विवाद में समझौता कराना अलीगंज के एक सीमेंट कारोबारी को भारी पड़ गया. समझौते के बाद नाराज पक्ष ने अलीगढ़ में भाड़े के शूटर बुलाकर उस कारोबारी की सरेआम हत्या करा दी. अब दो दिन बाद अलीगढ़ पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का ख़ुलासा कर दिया है.

दरअसल, दो दिन पहले यानी 27 दिसंबर की शाम एटा के अलीगंज निवासी सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता अपने काम से अलीगढ़ आए हुए थे. इसी दौरान वह डीआईजी अलीगढ़ रेंज दीपक कुमार से मिलकर एटा वापस जा रहे थे. तभी अलीगढ़ शहर के व्यस्तम सेंटर पॉइंट इलाके में ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर उनकी हत्या कर दी गई. सरेशाम हत्या की इस वारदात से पूरे शहर में दहशत फैल गई थी.

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अब बुधवार को पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया. संदीप का कत्ल किसी और ने नहीं बल्कि उनके दोस्त ने कराया है. जिनकी पहचान राजीव अग्रवाल और अंकुश अग्रवाल के तौर पर हुई है. अंकुश का अपनी पत्नी और ससुराल वालों से विवाद चल रहा था. असल में 4 वर्ष पहले राजीव अग्रवाल ने अपने बेटे अंकुश अग्रवाल की शादी एटा जनपद के अलीगंज में की थी. जिस परिवार में अंकुश का रिश्ता हुआ था, वो सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता के परिचित थे.

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ये थी हत्या की वजह

कुछ दिन पहले ही कुछ समय अंकुश की पत्नी ने शिकायत की थी, कि उसका पति अंकुश अग्रवाल उसके साथ मारपीट करता है. उसे परेशान करता है. इसके बाद संदीप गुप्ता ने अंकुश अग्रवाल और उसके पिता राजीव अग्रवाल को समझाया था. लेकिन बात नहीं बनी. तब अंकुश अग्रवाल की पत्नी ने अपने पति और ससुरालीजनों के खिलाफ अलीगंज थाने में 376, 498A और दहेज अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था. 

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इसके बाद संदीप गुप्ता ने इस मामले में मध्यस्थता की. और मामले में समझौता करा दिया था. जिसके तहत शिकायतकर्ता महिला को 45 लाख रुपये बतौर समझौते के दिये गए थे. लेकिन इस बात को लेकर आरोपी अंकुश और उसका पिता राजीव अग्रवाल सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता से रंजिश मान बैठे थे. 

इसी दौरान उन्होंने संदीप से बदला लेने की ठान ली. और बीती 27 दिसंबर की शाम भाड़े पर शूटर लेकर अलीगढ़ में ही सरेशाम संदीप गुप्ता की हत्या करवा दी. पुलिस ने आरोपी की क्रेटा कार सहित हत्या में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है. आरोपी अंकुश अग्रवाल के पिता राजीव अग्रवाल को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. लेकिन अंकुश, हत्या में शामिल उसका दोस्त दुष्यन्त और 2 शूटर अभी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है. पुलिस ने इस हत्याकांड का ख़ुलासा करने के लिए 5 टीमें लगाई थीं.

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ऐसे कातिल तक पहुंची पुलिस

हत्या की वारदात के बाद पुलिस ने मर्डर के दौरान इस्तेमाल की गई नीले रंग की बालेनो कार को अलीगढ़ के ही हरदुआगंज क़स्बे से लावारिस हालत में बरामद किया. पुलिस के अनुसार ये बालेनो कार मथुरा जनपद से अक्टूबर महीने में लूटी गई थी. पुलिस को छानबीन में पता चला कि इस नीले रंग की बालेनो कार के आगे-आगे सफ़ेद रंग की क्रेटा शहर में हर जगह घूमती हुई दिखाई दी थी.

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पुलिस ने उस सफ़ेद क्रेटा गाड़ी नम्बर ट्रेस किया तो पता चला कि वो सफेद गाड़ी किसी अंकुश पुत्र राजीव अग्रवाल के नाम पर रजिस्टर्ड है. पुलिस ने जब उस गाड़ी को तलाश किया तो वो गाड़ी हरदुआगंज इलाके में ही एक गैराज के अंदर खड़ी हुई मिली. वो गेराज क्रेटा कार के मालिक अंकुश अग्रवाल के दोस्त दुष्यंत अग्रवाल का है. पुलिस ने कार जब्त कर ली. इसके बाद अंकुश अग्रवाल के पिता राजीव अग्रवाल को गिरफ्तार किया गिया.

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