सरपंच मर्डर केस: मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड को बड़ा झटका, HC ने खारिज की जमानत याचिका

सरपंच हत्याकांड में बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड को कोई राहत नहीं दी है. हाई कोर्ट ने उसकी बेल अर्जी खारिज कर दी. इस फैसले को पीड़ित परिवार ने इंसाफ की दिशा में बड़ा कदम बताया है.

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महाराष्ट्र के बीड जिले में हुई थी सरपंच संतोष देशमुख की हत्या. (File Photo: ITG) महाराष्ट्र के बीड जिले में हुई थी सरपंच संतोष देशमुख की हत्या. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • औरंगाबाद,
  • 17 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 11:07 PM IST

महाराष्ट्र के बीड जिले के मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख मर्डर केस में मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने कराड की बेल अर्जी खारिज कर दी है. वो बीड जिले की एक जेल में बंद है. कोर्ट के इस फैसले से साफ संकेत मिला है कि गंभीर आरोपों वाले इस मामले में आरोपी को फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने वाली.

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वाल्मिक कराड के वकील धनंजय पाटिल ने बताया कि हाई कोर्ट ने बेल अर्जी खारिज कर दी है, हालांकि कोर्ट का डिटेल्ड ऑर्डर अभी आना बाकी है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से इस याचिका पर सुनवाई चल रही थी. बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए हैं और कराड की इस वारदात में सीधी भूमिका नहीं है.

इसके बावजूद हाई कोर्ट ने उसकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया. 9 दिसंबर को संतोष देशमुख का कथित तौर पर किडनैप किया गया था. इसके बाद उन्हें टॉर्चर किया गया और उनकी हत्या कर दी गई. आरोप है कि सरपंच ने एक एनर्जी कंपनी को निशाना बनाकर की जा रही एक्सटॉर्शन की कोशिश को रोकने का प्रयास किया था, जिसके बाद उन्हें इस साजिश का शिकार बनाया गया.

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इस केस में अब तक वाल्मिक कराड समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सभी आरोपियों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज़्ड क्राइम एक्ट यानी MCOCA के तहत केस दर्ज किया गया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला संगठित अपराध से जुड़ा हुआ है. हाई कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिवंगत सरपंच के भाई धनंजय देशमुख ने खुशी जताई.

उन्होंने कहा कि यह कहा जा सकता है कि इस केस में इंसाफ मिलने की प्रक्रिया अब शुरू हो गई है. उन्होंने एनसीपी नेता धनंजय मुंडे को दोबारा राज्य कैबिनेट में शामिल किए जाने की संभावनाओं पर भी आपत्ति जताई. मुंडे ने इसी साल मार्च में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. यह इस्तीफा उस वक्त आया था, जब उनके करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड ने सरेंडर किया.

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