राजकोट में दुबई ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर 1.48 करोड़ की धोखाधड़ी, 2 आरोपी गिरफ्तार, 2 फरार

राजकोट में दुबई की ट्रेडिंग कंपनी में निवेश के नाम पर 1.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है. जानें इस जालसाजी की पूरी कहानी.

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इस मामले में मुख्य आरोपी समेत दो लोग फरार हैं (फोटो-ITG) इस मामले में मुख्य आरोपी समेत दो लोग फरार हैं (फोटो-ITG)

ब्रिजेश दोशी

  • राजकोट,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST

देशभर में बढ़ते आर्थिक अपराधों के बीच गुजरात के राजकोट से निवेश के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है. जहां दुबई की एक ट्रेडिंग कंपनी में निवेश कर ज्यादा मुनाफे का लालच देकर करीब 1.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई. इस मामले में राजकोट पुलिस की आर्थिक अपराध निवारण शाखा (EOW) ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य अभी फरार हैं. पुलिस इस मामले को बड़े निवेश घोटाले के रूप में देख रही है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है.

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पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरांग खुंट और अरविंद खुंट के रूप में हुई है. दोनों को क्रमशः राजकोट और सूरत से गिरफ्तार किया गया है. वहीं, इस मामले के मुख्य आरोपी सागर खुंट और उसकी मां ज्योत्सनाबेन खुंट अभी फरार हैं. पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.

शिकायतकर्ता वीरेंद्रसिंह ने पुलिस को बताया कि करीब 10 साल पहले उनकी मुलाकात सागर खुंट से हुई थी और दोनों के बीच दोस्ती हो गई थी. साल 2023 में सागर ने उन्हें बताया कि उसने दुबई में ‘निशा इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंट्स - एफजेडसीओ’ नाम से ट्रेडिंग कंपनी शुरू की है. उसने निवेश पर हर महीने 4 से 5 प्रतिशत रिटर्न का भरोसा दिलाया. साथ ही यह भी बताया कि राजकोट में उसके परिवार के सदस्य कंपनी के लेन-देन का काम संभालते हैं, जिससे भरोसा और मजबूत हो गया.

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सागर खुंट की बातों में आकर वीरेंद्रसिंह ने अलग-अलग किस्तों में करीब 56.43 लाख रुपये निवेश किए. शुरुआत में आरोपी ने भरोसा बनाए रखने के लिए मार्च 2025 तक हर महीने 4 से 4.5 प्रतिशत का रिटर्न भी दिया. कुल मिलाकर करीब 11.53 लाख रुपये का रिटर्न उन्हें मिला. लेकिन इसके बाद भुगतान रुक गया और करीब 44.90 लाख रुपये की रकम वापस नहीं की गई, जिससे उन्हें ठगी का अहसास हुआ.

वीरेंद्रसिंह को लगातार रिटर्न मिलता देख उनके अन्य मित्रों ने भी इस कंपनी में निवेश करना शुरू कर दिया. इस तरह कुल मिलाकर करीब 1.74 करोड़ रुपये निवेश किए गए. हालांकि आरोपियों ने कुल 26.77 लाख रुपये का ही रिटर्न दिया, जबकि 1.48 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि अब तक वापस नहीं की गई. इस पूरे मामले में साफ तौर पर बड़े स्तर पर निवेशकों को फंसाने की साजिश सामने आई है.

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि खुंट परिवार ने सिर्फ वीरेंद्रसिंह ही नहीं, बल्कि करीब 15 अन्य लोगों को भी निवेश के नाम पर ठगा है. पुलिस को आशंका है कि धोखाधड़ी की कुल रकम 5 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है, हालांकि अभी तक सभी पीड़ितों की शिकायत दर्ज नहीं हुई है. पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके.

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इस मामले में राजकोट के डीसीबी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 (5), 3 (5) और गुजरात जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और निवेशकों की रकम की रिकवरी के प्रयास भी किए जा रहे हैं. यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि ज्यादा रिटर्न के लालच में निवेश करना कितना खतरनाक हो सकता है.

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