300 किमी पीछा, 500 CCTV कैमरों की जांच और 8 आरोपी... ऐसे हुआ चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग का भंडाफोड़

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से अगवा किए गए मासूम बच्चे को बरामद करने के साथ ही पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने दूर तक आरोपियों का पीछा किया और कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, और तब जाकर चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग का भंडाफोड़ हुआ. गैंग की सरगना प्रीति समेत 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. पढ़ें पूरी कहानी.

Advertisement
पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है (फोटो-ITG) पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है (फोटो-ITG)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:28 PM IST

नई दिल्ली रेलवे पुलिस ने एक बड़े चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग का भंडाफोड़ करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में गैंग की सरगना प्रीति भी शामिल है. पुलिस की यह कार्रवाई करीब 300 किलोमीटर तक पीछा करने और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद संभव हो सकी. इस ऑपरेशन के दौरान अगवा किए गए मासूम बच्चे को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया.

Advertisement

डीसीपी भारत रेड्डी के मुताबिक, 24 मार्च को सूचना मिली थी कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक मासूम बच्चे को अगवा कर लिया गया है. बच्चे की मां रेलवे स्टेशन पर काम करती है. सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढ निकालने की थी.

जांच के दौरान रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. फुटेज में एक महिला बच्चे को अपने साथ ले जाती दिखाई दी. इसके बाद पुलिस ने महिला की पहचान और लोकेशन ट्रैक करनी शुरू की. जांच में सामने आया कि गैंग के सदस्य लगातार बच्चे को एक-दूसरे के हवाले कर रहे थे ताकि पुलिस उनके पीछे न पहुंच सके.

Advertisement

आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपना ट्रांसपोर्ट बदलते रहे. कभी वे ई-रिक्शा से सफर करते, तो कभी बस और ट्रक का इस्तेमाल करते थे. इसी वजह से पुलिस को उनकी गतिविधियों का पता लगाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. करीब दस दिनों तक लगातार जांच और पीछा करने के बाद पुलिस की टीम उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंची, जहां इस गिरोह के बारे में अहम सुराग मिला.

हरिद्वार पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि स्थानीय पुलिस भी इसी गैंग की तलाश कर रही थी. इसके बाद दोनों पुलिस टीमों ने संयुक्त जांच शुरू की. इसी दौरान एक आरोपी को पकड़ लिया गया. आरोपी से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में सफलता मिल गई.

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उनके पास पहले से बच्चे खरीदने वाले लोगों के संपर्क होते थे. मांग आने के बाद गैंग के सदस्य बच्चों की तलाश शुरू करते और मौका मिलते ही उनका अपहरण कर लेते थे. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने न सिर्फ अगवा किए गए बच्चे को बरामद किया, बल्कि गैंग की सरगना प्रीति समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों में वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने बच्चे को खरीदने की कोशिश की थी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »