सूरत दंगा: दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए 23 आरोपी, चार को जेल

गुजरात के सूरत में हुए दंगा और हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किए गए 27 लोगों में से 23 को दो दिन की पुलिस हिरासत और चार को जेल में भेजा गया है. सूरत की एक अदालत ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया है.

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 सूरत की एक अदालत ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया है. सूरत की एक अदालत ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया है.

aajtak.in

  • सूरत,
  • 10 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 11:05 PM IST

गुजरात के सूरत में हुए दंगा और हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किए गए 27 लोगों में से 23 को दो दिन की पुलिस हिरासत और चार को जेल में भेजा गया है. सूरत की एक अदालत ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया है. इन लोगों ने शहर में भगवान गणेश के पंडाल पर पथराव करने के आरोप में छह नाबालिगों को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया था.

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यह प्रदर्शन सूरत में एक पुलिस चौकी के बाहर किया गया था. रविवार को यह हिंसक हो गया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने 27 आरोपियों को अदालत में पेश किया और 14 दिन की रिमांड मांगी, ताकि पता लगाया जा सके कि क्या दंगा किसी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा था? न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जेपी प्रजापति ने सुनवाई के बाद फैसला दिया है.

इन सभी आरोपियों को सोमवार शाम को हत्या के प्रयास, जानबूझकर चोट पहुंचाने, गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने, दंगा करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. लालगेट थाने के निरीक्षक केवी पटेल ने अपने आवेदन में कहा कि पूछताछ के लिए उन्हें 14 दिन की रिमांड पर रखने की जरूरत है, ताकि इस घटना की गहन जांच की जा सके. 

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सूरत शहर में चल रहे गणपति उत्सव के दौरान कुछ नाबालिगों द्वारा एक पंडाल पर पत्थर फेंकने के बाद भगवान गणेश की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. रविवार देर रात सैयदपुरा इलाके में हुई पथराव की घटना के सिलसिले में आधा दर्जन नाबालिगों को हिरासत में लेने के बाद कार्रवाई का विरोध करने के लिए लालगेट पुलिस थाने की चौकी पर भीड़ जमा हो गई.

पुलिस के अनुसार, 200 से 300 लोगों की भीड़ ने पथराव किया. इसमें दो पुलिसकर्मियों के सिर में चोट आई, जबकि कुछ अन्य पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं. पुलिस ने अदालत को बताया कि वे यह पता लगाना चाहते हैं कि क्या दंगों के पीछे कोई मास्टरमाइंड था, जो शहर में सांप्रदायिक शांति को भंग करने की कोशिश कर रहा था. इसके लिए पुलिस रिमांड की जरूरत है.

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