चित्रकूटः गैंगरेप पीड़िता ने लगाई फांसी, गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

परिवार के आरोपों के बाद इस मामले ने भी तूल पकड़ लिया है. नेताओं का गांव जाना शुरू हो गया है. आज पीड़िता का अंतिम संस्कार है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने पीड़िता के गांव को छावनी में बदल दिया है.

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पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप- PTI पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप- PTI

aajtak.in

  • चित्रकूट,
  • 14 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 1:19 PM IST
  • हाथरस के बाद चित्रकूट में दलित लड़की की मौत
  • परिवार ने लगाया लड़की से गैंगरेप का आरोप
  • शिकायत दर्ज होने के चलते लगाई फांसी- परिवार

हाथरस के बाद यूपी के चित्रकूट में एक गैंगरेप पीड़िता दुनिया से विदा हो गई है. गैंगरेप के बाद 15 साल की दलित लड़की ने अपने घर के अंदर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि एफआईआर दर्ज न होने के चलते लड़की परेशान थी, जिसके चलते उसने अपनी जान दे दी.

परिवार के आरोपों के बाद इस मामले ने भी तूल पकड़ लिया है. नेताओं का गांव जाना शुरू हो गया है. आज पीड़िता का अंतिम संस्कार है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने पीड़िता के गांव को छावनी में बदल दिया है.

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पीटीआई ने चित्रकूट के एसपी अंकित मित्तल के हवाले से लिखा है कि 15 साल की लड़की ने मणिकपुर इलाके में अपने घर के अंदर ही मंगलवार (13 अक्टूबर) को फांसी लगा ली. एसपी ने कहा कि लड़की की मौत के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि उसके साथ तीन लोगों ने जंगल में 8 अक्टूबर को गैंगरेप किया था. 

तीनों आरोपी गिरफ्तार

एसपी अंकित मित्तल ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. तीनों आरोपियों किशन उपाध्याय, आशीष और सतीश को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी किशन उपाध्याय गांव के प्रधान का बेटा है. पुलिस ने बताया कि ये गिरफ्तारी पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत की गई है.

हालांकि, परिवार ने आरोप लगाया है कि लड़की ने अपनी जान इसलिए दी क्योंकि उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही थी. परिवार ने ये भी आरोप लगाया है कि रेप के बाद आरोपी लड़की के हाथ-पैर बांधकर फरार हो गए थे और पुलिस ही उसे घर लेकर आई लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की. 

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पुलिस ने कहा- रेप की पुष्टि नहीं

पुलिस का कहना है कि पीड़िता के परिजनों की तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई थी. एसपी अंकित मित्तल ने ये भी कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है, अब सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे.

इस घटना के बाद बड़ी तादाद में लोग पीड़ित परिवार के पास पहुंच रहे हैं. पार्टियों के नेताओं का गांव जाना भी शुरू हो गया है. नेताओं के अलावा दलित संगठनों के लोग भी गांव पहुंच रहे हैं. जिससे वहां काफी हलचल पैदा हो गई है. एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. चप्पे-चप्पे पर पुलिसबल तैनात है.

इस घटना पर राजनेताओं के बयान भी आने लगे हैं. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ को घेरते हुए कहा कि आपका राज अन्यायी राज है. 

संजय सिंह ने ट्वीट में लिखा, ''हाथरस के बाद अब चित्रकूट: अत्याचार की इंतेहा हो गई. एक गरीब दलित की बेटी के बेबसी का अंदाज़ा लगाइये उसके साथ हुए गैंगरेप की FIR दर्ज नहीं हुई, उसने आत्महत्त्या कर ली. आदित्यनाथ जी आपका राज 'अन्यायी राज' है जहां गरीब गरीब दलित के लिए न्याय नहीं.''

बता दें कि ये घटना ऐसे वक्त सामने आई है जब हाथरस में 19 साल की दलित लड़की की गैंगरेप के बाद मौत केस की जांच चल रही है. हाथरस में भी पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है, यहां तक इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अधिकारियों के खिलाफ सख्त टिप्पणी की हैं. ऐसे में अब चित्रकूट के दलित परिवार ने भी शिकायत दर्ज न करने के चलते बेटी द्वारा आत्महत्या का आरोप लगाकर पुलिस पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. 

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(चित्रकूट से संतोष बंसल के इनपुट के साथ)


 

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