उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक बेहद गंभीर साइबर अपराध का मामला सामने आया है, जहां एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं कक्षा के छात्र पर आरोप है कि उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘Nudify’ ऐप्स का इस्तेमाल कर अपनी सहपाठी छात्राओं की तस्वीरों को अश्लील रूप में बदल दिया. उन तस्वीरों में नकली न्यूड (simulated nude) इमेज भी शामिल थीं. इसके बाद इन तस्वीरों को फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स के जरिए शेयर किया गया. यह मामला सामने आने के बाद स्कूल और छात्राओं के परिवारों में हड़कंप मच गया.
इंस्टाग्राम से ली गई थीं छात्राओं की तस्वीरें
एक पीड़ित छात्रा की मां ने साइबर पुलिस थाने में जाकर इस संगीन मामले में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के मुताबिक, उनकी बेटी और स्कूल की कई अन्य छात्राएं इंस्टाग्राम पर सक्रिय थीं. वे सभी नाबालिग हैं. आरोप है कि उनकी प्रोफाइल से तस्वीरें डाउनलोड की गईं और AI टूल्स की मदद से उन्हें अश्लील तस्वीरों में बदल दिया गया. शिकायत में कहा गया कि इन तस्वीरों को इस तरह एडिट किया गया कि वे वास्तविक लगें. यही वजह है कि मामला सीधे बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी धाराओं तक पहुंच गया.
ऐसे खुला पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, ये तस्वीरें दो फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स के जरिए पोस्ट की गई थीं. स्कूल के अन्य छात्रों ने जब इन अकाउंट्स पर अपनी सहपाठियों की आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं तो उन्होंने इसकी जानकारी संबंधित छात्राओं को दी. इसके बाद छात्राओं ने तुरंत उन अकाउंट्स को इंस्टाग्राम पर रिपोर्ट किया. शिकायत मिलने के बाद इंस्टाग्राम ने दोनों अकाउंट्स को हटा दिया. लेकिन तब तक कई छात्र इन तस्वीरों को देख चुके थे, जिससे पीड़ित छात्राओं को मानसिक आघात पहुंचा.
पीड़िता के भाई को मिला सुराग
इस मामले में सबसे बड़ा सुराग पीड़ित छात्रा के भाई को मिला. जिसने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स की जानकारी जुटानी शुरू की और जांच के दौरान पता चला कि वे अकाउंट्स एक मोबाइल नंबर से जुड़े हुए थे. पुलिस के मुताबिक यह नंबर उसी 17 वर्षीय छात्र से जुड़ा था, जो उसी निजी स्कूल में पढ़ता है. यही कड़ी आगे चलकर पुलिस जांच का आधार बन गई. मोबाइल नंबर के लिंक सामने आने के बाद पुलिस संदिग्ध छात्र तक जा पहुंची और उससे पूछताछ शुरू की.
आरोपी छात्र बोला- मेरा अकाउंट हैक हुआ
जब संदिग्ध छात्र से इन इंस्टाग्राम अकाउंट्स और तस्वीरों के बारे में सवाल किए गए तो उसने दावा किया कि उसका अकाउंट हैक हो गया था. उसने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति ने उसके अकाउंट का इस्तेमाल किया और तस्वीरें अपलोड कीं. हालांकि पुलिस ने इस दावे को जांच के दायरे में रखा है. अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, लॉगिन डिटेल्स और मोबाइल डेटा की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अकाउंट वास्तव में हैक हुआ था या नहीं.
एक ही नंबर से जुड़े थे कई अकाउंट
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि तीन अन्य इंस्टाग्राम अकाउंट्स भी कथित तौर पर उसी मोबाइल नंबर से जुड़े हुए थे. अधिकारियों के अनुसार छात्र से पूछताछ के बाद ये अकाउंट्स निष्क्रिय कर दिए गए. इससे जांच एजेंसियों का यह शक और मजबूत हुआ कि फर्जी अकाउंट्स का संचालन एक ही स्रोत से हो रहा था.
साइबर पुलिस के मुताबिक, यह मामला सिर्फ फोटो मॉर्फिंग का नहीं, बल्कि नाबालिग लड़कियों की तस्वीरों को AI तकनीक से अश्लील बनाकर फैलाने का है. इसलिए पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. इस मामले का खुलासा होने के बाद स्कूल की सभी छात्राओं के अभिभावक चिंतित नजर आ रहे हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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