सलमान खान केस: लॉरेंस बिश्नोई को रिमांड पर नहीं ला पाएगी पुलिस, रास्ते में आई 'अजीब अड़चन'

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम साजिशकर्ता के तौर पर मुकदमे में शामिल किया है, जबकि उसके अमेरिका में छुपे भाई अनमोल बिश्नोई को इस केस में नामजद करते हुए वांटेड करार दिया है.

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सलमान खान के घर फायरिंग केस में नया मोड़... सलमान खान के घर फायरिंग केस में नया मोड़...

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 24 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम साजिशकर्ता के तौर पर मुकदमे में शामिल किया है, जबकि उसके अमेरिका में छुपे भाई अनमोल बिश्नोई को इस केस में नामजद करते हुए वांटेड करार दिया है. इसी के साथ मुंबई क्राइम ब्रांच लॉरेंस को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि इस फायरिंग की वारदात से जुड़े तमाम सवालों के जवाब ढूंढे जा सकें. लॉरेंस पिछले कई सालों से सलमान खान की हत्या करने की बात कहता रहा है. वो जोधपुर में काले हिरणों के शिकार की वारदात के बाद उन्हें धमकी देता रहा है. 

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इसी कड़ी में जब 14 अप्रैल को सलमान के घर पर लॉरेंस गैंग से जुड़े दो शूटरों ने फायरिंग की, तब सोशल मीडिया पर लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली. इसके बाद में शूटरों से हुई पूछताछ में भी दोनों ने लॉरेंस गैंग से ही इस काम के लिए सुपारी मिलने की बात कबूल की, जिसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने बिश्नोई बंधुओं को इस केस में आरोपी बनाया और अब वो लॉरेंस से पूछताछ की तैयारी कर रही है. क्राइम ब्रांच के सूत्रों की मानें तो वो जल्द ही लॉरेंस से पूछताछ के लिए उसे रिमांड लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी. लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है. 

गुजरात के एंटी टेररिस्ट स्क्वायड ने लॉरेंस बिश्नोई को ड्रग तस्करी के लिए एक मामले में साल 2022 में नामज़द किया था, जब 14 सितंबर को कच्छ में एक पाकिस्तानी जहाज से भारी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी हुई थी. पुलिस सूत्रों की मानें तो ड्रग की उस खेप को भारत में मंगवाने के पीछे लॉरेंस बिश्नोई भी शामिल था. इस सिलसिले में एटीएस ने उससे पूछताछ भी की थी, जिसके बाद उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल से 23 अगस्त 2023 को गुजरात के साबरमती जेल में लाया गया और तब से लेकर अब तक वो इसी साबरमती जेल में बंद है. लॉरेंस को साबरमती जेल में रखने के पीछे सुरक्षा भी एक वजह है.

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दिल्ली और पंजाब की कुछ जेलों में लॉरेंस बिश्नोई को कुछ दुश्मन गैंगस्टर्स से जान का खतरा है. जबकि साबरमती जेल की गिनती देश की हाई सिक्योरिटी जेलों में होती है. शूटआउट में मारे जाने से पहले यूपी का माफिया अतीक अहमद भी इसी जेल में बंद था. हालांकि मुंबई क्राइम ब्रांच अब बेशक सलमान के घर हुए शूटआउट के मामले में लॉरेंस को रिमांड पर लेना चाहती हो, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉरेंस पर पिछले साल अगस्त महीने में एक ऐसी धारा लगाई थी, जिसके बाद उसे एक साल के लिए रिमांड या प्रोडक्शन वारंट पर लेने की इजाजत नहीं है. इस धारा की वजह से लॉरेंस मुंबई नहीं आ पाएगा.

असल में 30 अगस्त 2023 को गृह मंत्रालय ने लॉरेंस बिश्नोई पर सीपीआरपीसी की धारा 268 (1) एक लागू की, जिसका मतलब उसे साबरमती जेल से बाहर निकलने से रोकना है. यही वजह है कि अब अगले आदेश तक उसकी अलग-अलग अदालतों में पेशी भी फिजिकली नहीं, बल्कि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए होगी और हो रही है. लेकिन लॉरेंस की जिंदगी भले दुश्मन गैंगस्टरों की वजह से खतरे में हो, जेल में बंद लॉरेंस का टशन कम नहीं हो रहा है. वो लगातार जेल से लोगों से फोन पर बात कर रहा है. उन्हें धमका रहा है और तो और जेल में बैठे-बैठे ही वो इंटरव्यू तक दे चुका है.

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यह भी पढ़ें: सलमान खान केस: 'सोल पैच' दाढ़ी, लंबी सीधी नाक... इस 'क्लू' से शूटरों के गिरेबां तक ऐसे पहुंचे पुलिस के हाथ

साबरमती जेल में रहने के दौरान वहां से दिल्ली के दो बिजनेसमैन को फोन कर दो-दो करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी. जेल से किए गए लॉरेंस के इस कॉल को बिजनेसमैन ने रिकॉर्ड भी कर लिया था, जिसमें उसको ये कहते हुए सुना गया कि जिस तरह वो या उसके परिवार के लोग उसके हत्थे चढ़ गए, तो वो उन्हें कच्चा चबा जाएगा. यहां तक कि धमकी देते हुए उसने बिजनेसमैन को ये भी कह रहा था कि वो चाहे तो उसकी ये आवाज रिकॉर्ड कर ले, उन्हें केस में आसानी होगी. इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल लॉरेंस बिश्नोई का वॉयस सेंपल लेना चाहती है, लेकिन फिलहाल वो संभव नहीं हो सका है.

लॉरेंस बिश्नोई पर 50 से ज्यादा आपराधिक मामले हैं. इनमें कत्ल से लेकर, कत्ल की कोशिश, रंगदारी, फिरौती, लूटपाट और दूसरे जुर्म के मामले शामिल हैं. साल 2014 में लॉरेंस को पहली बार जेल भेजा गया. उसे राजस्थान पुलिस ने एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था. इसके बाद वो भरतपुर जेल में रहा. फिर पेशी के दौरान मोहाली से फरार हो गया. साल 2021 में मकोका के तहत दर्ज एक मामले में लॉरेंस को तिहाड़ जेल में ट्रांसफर दिया गया था. इससे पहले वो पंजाब की बठिंडा जेल में बंद था. साल 2022 में ही पंजाब पुलिस ने उसे सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में गिरफ्तार किया था. 

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इसके बाद वो एक बार फिर से बठिंडा जेल पहुंच गया. इसके बाद उसे सुरक्षा के लिहाज़ से साल 2023 में पहले दिल्ली में तिहाड़ जेल की शाखा मंडोली में लाया गया. फिर साल 2023 में उसे गुजरात एटीएस ने एक ड्रग्स केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया और अपने साथ तिहाड़ से गुजरात ले गई, जिसके बाद से वो साबरमती जेल में ही बंद है. अब मुंबई में सलमान के घर हुई फायरिंग में लॉरेंस का नाम आया है. ऐसे में अब एक बार फिर लॉरेंस की जेल बदलने की आशंका पैदा हो गई है. लेकिन केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई धारा की वजह से कम से कम एक साल तो ऐसा संभव होता नहीं दिख रहा है.

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