सुशांत सिंह राजपूत केसः रिया को आरोपी साबित करना सीबीआई के लिए चुनौती!

जुर्म साबित होने पर रिया को कम से कम दस साल की सजा हो सकती है. मगर सवाल ये है कि अगर सुशांत की मौत सचमुच खुदकुशी ही है, तो सीबीआई ये कैसे साबित करेगी कि इस खुदकुशी के लिए जिम्मेदार रिया है? वो भी बिना सुसाइड नोट के.

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जांच को आगे बढ़ाने के लिए सीबीआई की एसआईटी गुरुवार की रात मुंबई पहुंच गई थी जांच को आगे बढ़ाने के लिए सीबीआई की एसआईटी गुरुवार की रात मुंबई पहुंच गई थी

शम्स ताहिर खान / परवेज़ सागर

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 3:13 PM IST

  • मुंबई में सीबीआई की एसआईटी ने शुरू की जांच
  • सुशांत की मौत के लिए कौन जिम्मेदार, पता लगाएगी SIT

क्या रिया चक्रवर्ती गिरफ्तार होंगी? क्या सीबीआई रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार करेगी? ये सवाल इसलिए क्योंकि जिस एफआईआर की बुनियाद पर सीबीआई केस की जांच करने जा रही है, उसमें रिया के खिलाफ जो सबसे संगीन धारा है वो है खुदुकुशी के लिए मजबूर करने का. जिसमें जुर्म साबित होने पर कम से कम दस साल की सजा है. मगर सवाल ये है कि अगर सुशांत की मौत सचमुच खुदकुशी ही है तो सीबीआई ये कैसे साबित करेगी की इस खुदकुशी के लिए कौन जिम्मेदार है? वो भी बिना सुसाइड नोट के.

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तो अब केस सीबीआई के पास है. केस की जांच के लिए सीबीआई की स्पेशल इनवेस्टिगेटिव टीम मुंबई पहुंच गई है. पर हरेक के ज़ेहन में इस वक्त बस एक ही सवाल है. क्या रिया चक्रवर्ती गिरफ्तार होंगी? क्या सीबीआई रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार करेगी?

रिया चक्रवर्ती के खिलाफ सुशांत के पिता ने अपनी एफआईआर में जो सबसे गंभीर इल्ज़ाम लगाया है, वो है अबेटमेंट ऑफ सुसाइड यानी खुदकुशी के लिए मजबूर करना. भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत जुर्म साबित होने पर इसमें अधिकतम दस साल की सज़ा का प्रावधान है. लेकिन अगर सीबीआई के इतिहास को खंगालें तो सीबीआई अब तक खुदकुशी के लिए उकसाने के एक भी मामले में ना तो आखिरी नतीजे पर पहुंच पाई और ना ही किसी को सज़ा दिला पाई है. तो फिर रिया के केस में क्या होगा?

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सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर हैं एपी सिंह. सीबीआई में एक लंबा अरसा गुज़ारा है. एपी सिंह की मानें तो जांच के दौरान ये साबित करना सबसे मुश्किल काम होता है कि सामने वाले ने खुदकुशी क्यों और किसकी वजह से की? खास कर तब जब कोई सुसाइड नोट ना हो?

2019 की सुप्रीम कोर्ट की एक रूलिंग के मुताबिक खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में किसी को दोषी ठहराने के लिए ये ज़रूरी है कि आरोपी का मोटिव क्लियर हो. खुदकुशी से उसका सीधा कनेक्शन हो. उसने कोई ऐसा काम किया हो जिसकी वजह से गुस्से में सामने वाला उसी वक्त खुदकुशी कर ले. यानी उसे उसी ने भड़काया हो.

यानी इस मामले में सबसे अहम ये हो जाता है कि ऐन खुदकुशी से पहले खुदकुशी करने वाले के आसपास कौन-कौन लोग थे. उन्होंने ऐसा क्या कुछ कहा या किया? जिसकी वजह से उसे अचानक गुस्सा आया और उसने खुदकुशी कर ली.

अब सीबीआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वो सुशांत की मौत में रिया चक्रवर्ती को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराने के लिए सबूत कहां से इकट्ठा करे? क्योंकि रिया सुशांत का घर आठ जून को छोड़ कर चली गई थी. आठ जून से लेकर 14 जून तक फिर दोनों में कभी कोई बात नहीं हुई.

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यानी सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर के मुताबिक सुशांत की मौत अगर खुदकुशी ही है तो फिर इस खुदकुशी के लिए रिया को जिम्मेदार साबित करना बहुत मुश्किल है. क्योंकि सुशांत की मौत से करीब हफ्ता भर पहले ही रिया सुशांत के घर से जा चुकी थी. इस दौरान दोनों का कोई सीधा संबंध संपर्क नहीं हुआ.

मगर हां, खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में भले ही रिया चक्रवर्ती को सीबीआई गिरफ्तार ना करे. लेकिन धारा 406 के तहत सुशांत के पैसों के गैर-कानूनी तरीके से लेन-देन के लिए सीबीआई रिया को गिरफ्तार कर सकती है. पर यहां भी पहले गैर-कानूनी लेन-देन के पुख्ता सबूत हासिल करने होंगे. तो कुल मिला कर फिलहाल इंतजार कीजिए सीबीआई के अगले कदम का. वैसे भी जिस तर ये केस सुर्खियों में है ज़ाहिर है सीबीआई भी अपना हर कदम फूंक-फूंक कर उठाएगी.

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