पढ़े-लिखे हैं, लेकिन अच्छी नौकरी मिल नहीं रही है, जो मिल रही है, उसमें अच्छी सैलरी नहीं है, फिर क्या करें? ऐसे लोग एक छोटा-सा बिजनेस करके लाख-दो लाख रुपये महीने आसानी से कमा सकते हैं. इस बिजनेस को शुरू करना बेहद आसान है. (Photo: ITG)
पूरे देश में केंद्र सरकार की एक योजना चल रही है, जिसका नाम है- 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र' (Pradhan Mantri Bhartiya Jan Aushadhi Kendra), आप सरकारी मदद से इस बिजनेस को शुरू करके पहले दिन से ही मोटी कमाई कर सकते हैं. (Photo: ITG)
दरअसल, देश में लगातार जन औषधि केंद्र की संख्या बढ़ रही है, सरकारी आंकड़ों को देखें, तो पिछले साल 30 जून 2025 तक देश में कुल 16,912 जन औषधि केंद्र थे, जो कि अब बढ़कर 18,646 हो गए हैं. सरकार ने मार्च 2027 तक इसकी संख्या को बढ़ाकर 25,000 करने का लक्ष्य रखा है. बता दें, PMJAK में 2110 प्रकार की दवाइयां और 315 प्रकार के मेडिकल डिवाइस मिलते हैं.
फिलहाल सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 3944 जन औषधि केंद्र हैं, केरल में 1755, कर्नाटक में 1637, तमिलनाडु में 1559 और बिहार में 1,127 जन औषधि केंद्र खुल चुके हैं. इस सरकारी दवा दुकान की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां जेनेरिक दवाइयां ब्रांडेड मेडिसीन की तुलना 50 से 90 फीसदी सस्ती मिलती हैं, आम आदमी के लिए ये सबसे बड़ी राहत की बात है.
आइए जानते हैं कि इस बिजनेस की शुरुआत कैसे कर सकते हैं, सरकारी नियम के मुताबिक PM Jan Aushadhi Kendra खोलने के लिए 5,000 रुपये आवेदन फीस है. SC/ST, दिव्यांग और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए यह निशुल्क है. इसे खोलने के लिए आवेदक के पास D-Pharma या B-Pharma का सर्टिफिकेट होना जरूरी है.
अन्य जरूरतों पर गौर करें, तो जन औषधि केंद्र खोलने के लिए करीब 120 वर्गफुट का एरिया आपके पास होना चाहिए, जिसमें ये संचालित किया जा सके. वहीं सबसे ज्यादा ध्यान ये रखना होगा कि आपकी दुकान की लोकेशन अच्छी हो, खासकर अस्पताल और भीड़-भाड़ वाले इलाके में हो. (Photo: Getty
रैक और काउंटर और फ्रीज के लिए 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक का खर्च आता है. बिलिंग और इन्वेंट्री मैनेजमेंट के लिए आपको एक कंप्यूटर और प्रिंटर की आवश्यकता होगी, जिसपर करीब 40,000 रुपये का खर्च आ सकता है. शुरुआत में स्टॉक के लिए करीब 1 से 2 लाख रुपये की आवश्यकता होगी. सरकार द्वारा विशेष श्रेणियों (जैसे महिला उद्यमी, SC/ST, आकांक्षी जिले) को फर्नीचर और कंप्यूटर के लिए 2 लाख तक की सहायता दी जाती है. यानी फर्नीचर वगैरह के लिए दो लाख रुपये लोन के रूप में मिल जाएंगे.
PM Jan Aushadhi Kendra खोलने के लिए सरकार की ओर से मिलने वाली मदद पर गौर करें, तो सरकार की ओर से आर्थिक मदद प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाती है. केंद्र में पांच लाख रुपये तक की दवाओं की मासिक खरीद पर 15 फीसदी या अधिकतम रुपये 15,000 रुपये प्रति माह तक प्रोत्साहन मिलता है.
पीएम जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन प्रॉसेस के दौरान जिन जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है, उनमें आधार कार्ड (Aadhaar Card), फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (DPharma-BPharma), पैन कार्ड (PAN Card) के अलावा वैध मोबाइल नंबर, निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है. प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के लिए आवेदन करने का प्रासेस बेहद ही आसान है और आप इसे घर बैठे ऑनलाइन भी कर सकते हैं. नीचे स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस को देखें.
सबसे पहले janaushadhi.gov.in पर जाएं. मेन्यू में Apply For Kendra के ऑप्शन पर क्लिक करें. अब नया पेज खुलेगा, जहां Click Here To Apply पर क्लिक करें. इसके बाद आपकी स्क्रीन पर Sign in फॉर्म ओपन हो जाएगा. इस नीचे Register Now के दिखाई दे रहे ऑप्शन पर क्लिक करें. ऐसा करते ही जन औषधि केंद्र के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुल जाएगा. अब इसमें मांगी गई जानकारियों को अच्छे से पढ़कर सही-सही भरें. फॉर्म भरने के बाद इसे एक बार चेक करें और फिर ड्रॉप बॉक्स में राज्य चुनें. टर्म्स एंड कंडीशंस वाले बॉक्स पर क्लिक करते हुए सब्मिट ऑप्शन दबाएं. आपका पीएम जन औषधि केंद्र के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रोसेस सक्सेस हो जाएगा. केंद्र की अनुमति मिलने के बाद फिर स्थानीय ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी से 'ड्रग लाइसेंस' लेना होगा.
जहां तक कमाई की बात है कि ये मुख्य रूप से दवाइयों की बिक्री पर निर्भर करती है, जितनी ज्यादा मेडिसीन सेल करेंगे, उतने ज्यादा कमीशन बनेंगे. हर दवाई की बिक्री पर 20% का सीधा मार्जिन मिलता है. इसके अलावा इंसेंटिव भी मिलता है. अगर हर दिन 10 हजार रुपये की दवाई बेचते हैं तो फिर कमीशन 2000 रुपये प्रतिदिन बन जाएगा, यानी महीने में 60 हजार रुपये की आय होगी, इसमें आपको दुकान का किराया, बिजली बिल का भुगतान करना होगा. लेकिन बिक्री ये आंकड़ा बहुत छोटा है.
आप अपने आसपास जन औषधि केंद्रों में भीड़ देख सकते हैं, कई दुकानों में रोजाना 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की बिक्री है. अगर 50 हजार रुपये की दवाई रोज बिकती है, तो फिर कमीशन में 10 हजार रोज बन जाएगा. यानी महीने में 3 लाख रुपये की आय संभव है, बिक्री बढ़ने पर स्टॉफ की संख्या बढ़ा सकते हैं. यानी सरकारी मदद से आप जन औषधि केंद्र खोलकर आसानी से 2 लाख रुपये महीने कमा सकते हैं.