रूद्राक्ष, खड़ाउ, पंचामृत, तुलसी माला और चंदन टीका GST से बाहर

नकली आभूषण, मोती और सिक्के पर 3 फीसदी शुल्क लगेगा. इसके अलावा जीएसटी परिषद ने पूजा के सामान के तहत बेचे जाने वाले रूद्राक्ष, खड़ाउ, पंचामृत, तुलसी माला, पवित्र धागा और विभूति जैसे जिंसों को पूजी सामग्री के अंतर्गत रखने का फैसला किया और कहा कि जीएसटी के अंतर्गत इस पर छूट होगी.

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GST के दायरे में मुक्त रहेगा खादी धागा, गांधी टोपी, राष्ट्रीय झंडा GST के दायरे में मुक्त रहेगा खादी धागा, गांधी टोपी, राष्ट्रीय झंडा

राहुल मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 05 जून 2017,
  • अपडेटेड 3:43 PM IST

माल एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था में खादी धागा, गांधी टोपी, राष्ट्रीय झंडा पर कोई कर नहीं लगेगा. वहीं नकली आभूषण, मोती और सिक्के पर 3 फीसदी शुल्क लगेगा. इसके अलावा जीएसटी परिषद ने पूजा के सामान के तहत बेचे जाने वाले रूद्राक्ष, खड़ाउ, पंचामृत, तुलसी माला, पवित्र धागा और विभूति जैसे जिंसों को पूजी सामग्री के अंतर्गत रखने का फैसला किया और कहा कि जीएसटी के अंतर्गत इस पर छूट होगी.

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चंदन टिका, बिना ब्रांड वाला शहद तथा दिया बत्ती को एक जुलाई से लागू होने वाली नई में छूट दी गयी है. हालांकि पांच पूजा सामग्री...लोबहान, मिस्री, बताशा और बुरा पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा.

कपड़ा के मामले में 1,000 रुपये से कम के कंबल, पर्दा, बिछावन, शौचालय और रसोई गैस में इस्तेमाल होने वाले लिनेन, तौलिये पर 5 फीसदी कर लगेगा. साथ ही 1,000 रुपये से कम लागत वाले नैपकिन, मच्छरदानी, बोरी, थैला, लाइफ जैकेट पर 5 फीसदी कर लगेगा. वहीं 1,000 रुपये से अधिक लागत वाली उक्त वस्तुओं पर 12 फीसदी कर लगेगा.

रेशम और जूट धागा को में रखा गया है लेकिन कपास और प्राकृतिक फाइबर तथा अन्य सभी धागा पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा. मानव निर्मित रेशम पर 18 फीसदी की दर से कर लगेगा. खादी को छोड़कर अन्य सभी श्रेणी के कपड़ों पर 5 फीसदी कर लगेगा. इसके अलावा गांधी टोपी तथा भारत के झंडे पर जीएसटी के तहत कर नहीं लगेगा.

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एक हजार रुपये तक की लागत वाले मानव निर्मित परिधान पर 5 फीसदी कर लगेगा जो मौजूदा 7 फीसदी से कम है. जिनकी लागत 1,000 रुपये से अधिक है, उन पर 12 फीसदी कर लगेगा. इसके अलावा, माचिस, डिब्बाबंद जैविक उर्वरक पर नई व्यवस्था में 5 फीसदी कर लगेगा. वित्त मंत्री अरण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद ले लगभग सभी वस्तुओं और सेवाओं पर कर का निर्धारण कर दिया है. उन वस्तुओं पर 5, 12, 18 और 28 फीसदी कर लगाया गया है. परिषद में जेटली के अलावा राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं.

 

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