भारत के रियल एस्टेट मार्केट में तेजी, कीमतें 48% बढ़ीं, इस शहर में सबसे महंगी प्रॉपर्टी

देश में बिना बिके घरों में 32% की बढ़ोतरी के बावजूद, 2020 से 2025 तक बिक्री 33% बढ़ी है, जबकि नए प्रोजेक्ट्स में सिर्फ 10% की वृद्धि हुई है. यह दिखाता है कि आपूर्ति की तुलना में मांग ज्यादा तेजी से बढ़ी है.

Advertisement
  हाउसिंग मार्केट में तेजी हाउसिंग मार्केट में तेजी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2025,
  • अपडेटेड 6:09 PM IST

भारत के हाउसिंग मार्केट में असाधारण वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें प्रमुख शहरों में कीमतें पिछले पांच सालों में 48 फीसदी तक बढ़ गई हैं. 1 Finance Housing Total Return Index के मुताबिक देश के टॉप 8 शहरों में आवासीय बिक्री में 9% की वृद्धि होने की उम्मीद है. मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु जैसे शहरों में संपत्ति की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो क्रमश- 6-15% की वृद्धि दर के साथ बढ़ रही हैं. 

Advertisement

यह इंडेक्स, जो रेरा-पंजीकृत आवासीय लेनदेन के वास्तविक समय के डेटा को ट्रैक करता है. 2020 में 167 से बढ़कर 2025 में 247 हो गया. यह कोविड के बाद मजबूत रिकवरी को दर्शाता है, जो बढ़ती मांग, बुनियादी ढांचे के विकास और खरीदारों की बदलती प्राथमिकताओं से प्रेरित है. 

यह भी पढ़ें: 'रिटायरमेंट के पैसे से फ्लैट बुक कराया, बच्चों ने घर से निकाला..' कहां जाएं Earth Towne के घर खरीदार

 

किस शहर में तेजी?

  • बेंगलुरु में कीमतों में 79% की तेज वृद्धि हुई है, जो मेट्रो शहरों में सबसे अधिक है.
  • मुंबई अब भारत का सबसे महंगा आवासीय बाजार है, जहां औसत कीमत ₹26,975 प्रति वर्ग फुट है.
  • हैदराबाद, तेजी से विकास के बावजूद, 177% बढ़े बिना बिके स्टॉक के कारण आपूर्ति की अधिकता का सामना कर रहा है.
  • दिल्ली-एनसीआर में उलट स्थिति है, जहां बिना बिके मकानों में 30% की कमी आई है, जो मजबूत मांग को दिखाता है.
  • चेन्नई में असंतुलन दिख रहा है- नए प्रोजेक्ट्स में 51% की वृद्धि हुई है, लेकिन बिक्री में केवल 10% की बढ़ोतरी हुई है.
  • पुणे के डेवलपर्स ने बाजार की स्थिति को देखते हुए नए प्रोजेक्ट्स में 20% की कटौती की है.
  • कोलकाता में सुस्ती बनी हुई है, जहां नए प्रोजेक्ट्स और बिक्री दोनों में 29% की कमी देखी गई है.

राष्ट्रीय स्तर पर बिना बिके घरों में 32% की वृद्धि के बावजूद, 2020 और 2025 के बीच बिक्री में 33% की वृद्धि हुई है, जबकि नए प्रोजेक्ट्स में केवल 10% की वृद्धि हुई है, जो आपूर्ति की तुलना में मांग में अधिक वृद्धि को दर्शाता है.

Advertisement

 

कैसा है बाजार?

1 फाइनेंस के क्वांटिटेटिव रिसर्च के सीनियर वीपी अनिमेष हरदिया का कहना है कि वर्तमान बाजार का माहौल मिला-जुला है. मौजूदा मकान मालिकों के पास संपत्तियों की कीमत बढ़ रही है, लेकिन संभावित खरीदार डर और जल्दबाजी के बीच फंसे हैं कि कहीं वे बाजार के चरम पर खरीदारी न कर लें. इससे भावनात्मक और आवेगपूर्ण खरीदारी हो रही है. रियल एस्टेट विशेषज्ञों और वित्तीय सलाहकारों के साथ मिलकर डेटा आधारित निर्णय लें, न कि उत्साह या परिवार के दबाव के आधार पर. 

यह भी पढ़ें: कचरा जमा करने की ऐसी आदत... करोड़ों के घर को बना दिया कबाड़खाना, परेशान पड़ोसी फ्लैट बेचकर भागे

1 फाइनेंस के अनुसार, कीमतों में कोविड के बाद जैसी तेज उछाल की संभावना कम है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बाजार की तेजी खत्म हो गई है.टियर 1 शहरों और उनके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते बुनियादी ढांचे के निवेश और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ, बाजार अब तेज उछाल से संतुलित स्थिति की ओर बढ़ रहा है.
 
हालांकि संपत्ति की कीमतें शायद अभी चरम पर नहीं पहुंची हैं, लेकिन आगे चलकर, अधिक स्थिर और टिकाऊ वृद्धि की उम्मीद है. घर खरीदारों के लिए, इसका मतलब है कि बाजार का समय देखने से ज्यादा महत्वपूर्ण है. अपनी खरीदारी को दीर्घकालिक व्यक्तिगत और वित्तीय लक्ष्यों के साथ जोड़ना.

Advertisement

यह भी पढ़ें: UP Rera का धोखाधड़ी रोकने का नया प्लान, अब नहीं होगा घर खरीदारों के साथ फ्रॉड

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »