महानगरों में घर खरीदना हर इंसान का सपना होता है, लेकिन यहां छोटे घरों की कीमत भी अक्सर करोड़ों में होती है. ऐसे में मिडिल क्लास लोगों को ऐसे शहरों की तलाश रहती है, जहां उन्हें कम बजट में घर मिल जाए. दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहर में तो आप एक करोड़ से नीचे के बजट में घर लेने का सोच भी नहीं सकते है, लेकिन अभी कुछ शहर ऐसे हैं, जहां आप 40 लाख के बजट में अपने सपनों का घर पा सकते हैं.
आज के हाउसिंग मार्केट में, जहां डेवलपर्स धीरे-धीरे किफायती घरों से दूरी बनाकर प्रीमियम और लग्जरी प्रोजेक्ट्स की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं अगर आप ध्यान से ढूंढें तो किफायती घर अब भी मिल सकते हैं. एनारॉक (Anarock) की Q1 2026 रेसिडेंशियल मार्केट व्यूपॉइंट्स रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से मार्च के बीच भारत के टॉप सात शहरों में 100 में से केवल 10 घरों की कीमत ₹40 लाख से कम थी. इस बीच, ₹1.5 करोड़ से अधिक कीमत वाले घरों ने बाजी मार ली और नई सप्लाई में 52% की बड़ी हिस्सेदारी हासिल की.
पुणे और चेन्नई
पुणे और चेन्नई भी पूरी तरह से सस्ते बाजार नहीं हैं, लेकिन वे ज्यादातर शहरों की तुलना में अधिक बजट-फ्रेंडली हैं. पुणे में केवल 5% घर ₹40 लाख से कम के हैं, जबकि लगभग 87% नए लॉन्च ₹40 लाख से ₹1.5 करोड़ के बीच के थे. वहीं चेन्नई की बात करें तो, 80% लॉन्च ₹40 लाख से ₹1.5 करोड़ के बीच की कीमत वाले थे. यह दिखाता है कि ये शहर अभी भी अल्ट्रा-रिच खरीदारों के बजाय मुख्य रूप से मध्यम आय वाले खरीदारों की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं.
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अगर आप किफायती घर मिलने की सबसे बेहतर उम्मीद लगा रहे हैं, तो कोलकाता इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. इस शहर में किफायती और लोअर मिड-सेगमेंट हाउसिंग की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा थी, जहां 71% नए लॉन्च ₹80 लाख से कम कीमत वाले थे. यह पहली बार घर खरीदने वालों और बजट का ध्यान रखने वाले परिवारों की मजबूत मांग को दर्शाता है. इसके साथ ही, इस कुल सप्लाई का 41% हिस्सा ₹40 लाख से कम की कैटेगरी में आता है, जो कोलकाता को भारत के प्रमुख प्रॉपर्टी बाजारों में सबसे किफायती बनाता है.
एमएमआर (MMR - मुंबई महानगरीय क्षेत्र)
मुंबई महानगरीय क्षेत्र भी खरीदारों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करता है. यहां 22% घर ₹40 लाख से कम में उपलब्ध हैं, जबकि 56% नए लॉन्च ₹1.5 करोड़ से कम कीमत वाले थे.
किफायती घर क्यों गायब हो रहे हैं?
जमीन की बढ़ती कीमतें, कंस्ट्रक्शन की लागत और सरकारी पॉलिसी इंसेंटिव्स में कमी ने डेवलपर्स के लिए किफायती घरों को कम आकर्षक बना दिया है. इसके साथ ही, कामकाजी पेशेवरों कामकाजी दंपतियों और एनआरआई खरीदारों की मजबूत मांग ने बिल्डरों को बड़े और महंगे प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया है.
अगर आप ₹40 लाख के बजट के साथ घर ढूंढ रहे हैं, तो कोलकाता आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है. बाकी हर जगह, सपनों का घर अपनी कीमतों के साथ धीरे-धीरे प्रीमियम कैटेगरी की तरफ बढ़ता जा रहा है.
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