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ट्रैफिक चालान से बचना है! ये दो ऐप कर लें अपने मोबाइल में डाउनलोड

दिनेश अग्रहरि
  • 05 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:22 AM IST
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केंद्र सरकार के नए ट्रैफिक नियमों के मुताबिक वाहन चालकों के लिए चालान शुल्क को अप्रत्याशित ढंग से बढ़ा दिया गया है. मोटर व्हीकल एक्ट में हुए संशोधन के बाद अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर 10 गुना तक अधिक जुर्माना भरना पड़ेगा. 1 सितंबर को आधी रात 12 बजे से ही यह नियम लागू हो गया है.

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कई लोगों को जानकारी और जागरूकता के अभाव में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. अक्सर लोग अपने गाड़ी के कागजात साथ ले जाना भूल जाते हैं और यह लापरवाही अब महंगी पड़ने लगी है. लेकिन अगर आपके मोबाइल में सिर्फ दो ऐप हैं तो आप ऐसी गलती से लगने वाले भारी चालान राशि से बच सकते हैं. आप बिना ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) के भी वाहन चला सकेंगे.

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सरकार के दो ऐप आपके लिए बड़े काम के हो सकते हैं. ये ऐप हैं- डिजिलॉकर और एम परिवहन. आपको बताते हैं कि ये ऐप क्या हैं, कैसे इस्तेमाल होते हैं और इनके क्या फायदे हैं? इनकी मदद से आप बिना ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) के भी वाहन चला सकेंगे. आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी नहीं है तो भी आपका चालान कोई ट्रैफिक पुलिस वाला नहीं काटेगा.

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सरकार ने डिजिटल लॉकर योजना लॉन्च की है, जिसमें आप अपने डीएल और आरसी की सॉफ्ट कॉपी को डिजिलॉकर (digilocker) में सुरक्षित रख सकेंगे. इसकी मदद से आप सभी जरूरी कागजात की डिजिटल कॉपी अपने पास संभाल कर रख सकते हैं. ट्रैफिक पुलिस के मांगने पर यही डिजिटल कॉपी मान्य मानी जाएगी.

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Digilocker का ऐसे करें इस्तेमाल: सरकार ने इसके लिए एक वेबसाइट digilocker.gov.in बनाई है. यहां से आप डिजिलॉकर  ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. इसके बाद आप अपना डिजिलॉकर अकाउंट खोल सकते हैं. इसके लिए आपको मोबाइल नंबर डालना पड़ता है. फिर वन टाइम पासवर्ड (OTP) आपके मोबाइल नंबर पर आएगा जिसे इस्तेमाल कर मोबाइल नंबर को ऑथेंटिकेट कर सकते हैं. फिर यूजरनेम और पासवर्ड सेलेक्ट करना होगा.

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डिजिलॉकर अकाउंट बनने के बाद आप अपने डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं. डिजिलॉकर के जरिए इंश्योरेंस कंपनी और मोटर लाइसेंसिंग ऑफिसर (एमएलओ ऑफिस) सहित संबंधित सरकारी महकमों का भी एक्सेस रहेगा. सुरक्षा के मद्देनजर इसमें क्यूआर कोड भी होगा, ताकि कोई और दस्तावेजों से छेड़छाड़ न कर सके. पीएम मोदी ने 1 जुलाई 2015 को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की थी.

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M-Parivahan का उठाएं फायदा: इसी तरह एनआईसी द्वारा तैयार किए गए एम-परिवहन ऐप में भी आप अपना ड्राइविंग लाइसेंस , रजिस्‍ट्रेशन पेपर, व्हीकल इंश्योरेंस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट की स्कैन कॉपी अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रख सकते हैं.

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इसकी मदद से यूजर्स लाइसेंस रिन्युअल जैसी 20 से 30 अलग-अलग सर्विस का भी फायदा उठा सकते हैं. इस ऐप में सिक्योरिटी का भी खास ख्याल रखा गया है. इसे आप गूगल प्ले पर जाकर सर्च करें और अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लें. इसे डाउनलोड करने के बाद आप अपने सभी जरूरी कागजात की सॉफ्ट कॉपी इसमें सेव कर सकते हैं.

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मोबाइल फोन में एम परिवहन ऐप में गाड़ी के मालिक का नाम, रजिस्ट्रेशन की तारीख, मॉडल नंबर, इंश्योरेंस की वैधता आदि जानकारी रहती है. ऐसे में वाहन चालकों को किसी तरह के कागजात को साथ में लेकर चलने की जरूरत नहीं होती है. इसके लिए आपको अपने गाड़ी का चेसिस नंबर और इंजन नंबर फीड करना होगा. ऐसा करने के बाद आपके ये कागजात डैश बोर्ड पर आ जाएंगे.

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इसके अलावा डीएल नंबर डालकर उसे वेरीफाई करें और डैश बोर्ड पर यह उपलब्‍ध हो जाएगा. यही नहीं, आपकी गाड़ी के बारे में सारी जानकारी आपके मोबाइल पर होगी, यानी आपको जरूरी कागजात साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं है.

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