Wipro Share Crash: इधर आया रिजल्ट... उधर 10% टूट गया ये शेयर, निवेशकों में हड़कंप

Wipro Share Crash: आईटी सेक्टर की कंपनी विप्रो ने बीते सप्ताह अपने तिमाही नतीजों का ऐलान किया था और इस सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को इनका असर गिरावट के रूप में देखने को मिला. विप्रो स्टॉक खुलते ही करीब 10% फिसल गया.

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कंपनी ने बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन जारी किए थे तिमाही नतीजे (File Photo: ITG) कंपनी ने बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन जारी किए थे तिमाही नतीजे (File Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:17 AM IST

देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो ने बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद अपनी तीसरी तिमाही के नतीजों (Wipro Q3 Results) का ऐलान किया था. इनका असर सोमवार को बाजार में कारोबार की शुरुआत से ही देखने को मिला है. Wipro Share अपनी ओपनिंग के साथ ही करीब 10 फीसदी के आसपास बिखर गया और टूटकर 241 रुपये पर आ गया. इसके चलते कंपनी का मार्केट कैपिटल (Wipro Market Cap) भी फिसला है. 

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खुलते ही बिखर गया विप्रो का शेयर 
Wipro Stock Price बीते शुक्रवार को शेयर बाजार में तेजी के बीच 266.70 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था. मार्केट क्लोज होने के बाद कंपनी ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान भी किया था. इन नतीजों के आने के बाद कई ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर का टागरेट प्राइस घटा दिया, ऐसे में इसके शेयर पर असर पड़ने की उम्मीद जाहिर की जा रही थी और हुआ भी कुछ ऐसा है. 

विप्रो का शेयर अपने पिछले बंद की तुलना खुलने के साख ही करीब 9.6% की गिरावट लेकर 241 रुपये पर आ गया. शेयर में अचानक आई इस बड़ी गिरावट का सीधा असर कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन पर देखने को मिला और ये गिरकर 2.61 लाख करोड़ रुपये रह गया. बता दें विप्रो शेयर का 52 वीक का हाई 324.60 रुपये, जबकि 52 वीक का लो-लेवल 228 रुपये है. 

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कैसे रहे Wipro के तिमाही नतीजे? 
Wipro Q3 Results की बात करें, तो कंपनी ने इन्हें जारी करते हुए बताया था कि Fy2026 की तीसरी तिमाही में उसका कंलोडिडेटेड नेट प्रॉफिट 3,145 करोड़ रुपये रहा, जो कि इससे पिछली तिमाही में 3,262.4 करोड़ रुपये था यानी इसमें 3.5% की गिरावट आई. वहीं सालाना आधार पर देखें, तो ये 6.5% फिसला है, क्योंकि बीते साल 2025 की समान तिमाही में ये 3,366.7 करोड़ रुपये रहा था. रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी के मुनाफे में ये गिरावट मोदी सरकार द्वारा नए श्रम कानून (New Labour Code) लागू होने के चलते देखने को मिली है. 
 
नतीजों में आगे बताया गया कि आईटी कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़ा है और ये बीते साल की तीसरी तिमाही के 22,318.8 करोड़ रुपये से 5.5 फीसदी की उछाल के साथ बढ़कर 23,555.8 करोड़ रुपये रहा. इसके अलावा आईटी सर्विसेज का ऑपरेशनल मार्जिन 17.6% रहा, जो तिमाही आधार पर 0.9% और सालाना आधार पर 0.1% अधिक है.

ब्रोकरेज की प्रतिक्रिया से निवेशक कन्फ्यूज
रिपोर्ट्स की मानें, तो विप्रो लिमिटेड के तिमाही नतीजों के बाद तमाम ब्रोकेज हाउस ने इसके शेयर पर अपनी मिली-जुली प्रतिक्रिया दी थी. कुछ ने इसे बेचने की सलाह दी, तो कुछ एक्सपर्ट्स ने शेयर के लिए नया टारगेट प्राइस देकर इसके खरीदने की सलाह भी दी है.

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नोमुरा ने विप्रो शेयर को Buy Rating देते हुए इसका टारगेट 300 रुपये से घटाकर 290 रुपये कर दिया. तो JM Financial ने 310 रुपये के नए टागरेट प्राइस के साथ इसे खरीदने की सलाह दी है. वहीं दूसरी ओर एमके ग्लोबल ने टारगेट प्राइस तो बढ़ाया है, लेकिन इसकी रेटिंग को रिड्यूश किया है. Elara Capital ने विप्रो शेयर को बेचने की सलाह दी है. 

(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

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