दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजारों की लिस्ट में बीते कारोबारी दिन बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब आबादी में भारत की राजधानी दिल्ली से भी छोटे देश ताइवान के शेयर बाजार ने मार्केट वैल्यू के लिहाज से इंडियन स्टॉक मार्केट को पीछे छोड़ दिया और दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 5 ट्रिलियन डॉलर हो गया है, जबकि भारत 4.9 ट्रिलियन डॉलर के साथ छठे स्थान पर आ गया. ताइवान को इस स्तर पर पहुंचाने में AI का सबसे बड़ा रोल रहा है. आइए समझते हैं कैसे?
AI ने बदल कर रख दिया पूरा खेल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने ताइवान के शेयर बाजार का गेम ही चेंज करके रख दिया है. दरअसल, चैटबॉट से लेकर स्मार्ट डिवाइस, डेटा सेंटर तक, एआई को काम करने के लिए शक्तिशाली कंप्यूटर चिप्स की जरूरत होती है. एआई से जुड़े बिजनेस की ओर अचानक निवेशकों के झुकाव ने सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में शामिल कंपनियों की चांदी कर दी और इस क्षेत्र में दबदा ताइवान का है.
जैसे-जैसे एआई सेक्टर्स में निवेश बढ़ा, तो ताइवान निवेशकों की पहली पसंद बनकर सबसे बड़ा प्लेयर बन गया. AI में ग्लोबल निवेश तेजी से बढ़ने और सेमीकंडक्टर और एआई से जुड़े शेयरों में रुचि बढ़ने से ताइवान ही नहीं, बल्कि साउथ कोरिया भी फोकस में हैं और दोनों देशों के शेयर बाजार की वैल्यू गदर मचा रही है.
ताइवान की एक कंपनी का गदर
ताइवान शेयर बाजार के भारत से आगे निकलने के कारणों में जहां सबसे बड़ा AI और चिप इंडस्ट्री में ग्रोथ है. तो इस बिजनेस की दिग्गज कंपनी ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMNC) ने ताइवान मार्केट को तगड़ा सपोर्ट किया है. ये दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है और ताइवान के बेंचमार्क स्टॉक इंडेक्स में सिर्फ टीएसएमसी की हिस्सेदारी लगभग 42% है, यानी देश का शेयर बाजार इस कंपनी पर सबसे अधिक केंद्रित है.
दुनिया के ये 10 सबसे बड़े शेयर
नंबर-1: अमेरिका
अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी (World's Largest Economy) है, तो वहां का शेयर बाजार (US Stock Market) वर्ल्ड के टॉप-10 वैल्यूएबल शेयर बाजारों की लिस्ट में पहले पायदान पर है. इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 78 ट्रिलियन डॉलर है.
नंबर-2: चीन
अमेरिका के बाद इकोनॉमी के मामले में भी चीन दूसरे पायदान पर है, तो यहां का शेयर बाजार भी दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा है. China Stock Market के मार्केट कैपिटलाइजेशन 16.6 ट्रिलियन डॉलर है.
नंबर-3: जापान
World's Largest Stock Markets की लिस्ट में अगला नाम जापान का आता है. यहां का निक्केई इंडेक्स लगातार रफ्तार पकड़े हुए है और जापानी शेयर मार्केट की वैल्यूएशन (Japan Share Market Value) 8.7 ट्रिलियन डॉलर दर्ज की गई है.
नंबर-4: हांगकांग
HongKong स्टॉक एक्सचेंज सबसे बड़े शेयर बाजारों में शामिल है और मार्केट कैपिटल के लिहाज से देश का शेयर बाजार चौथे पायदान पर आता है और इसका Hong Kong Share Marke Cap 7.3 ट्रिलियन डॉलर है.
नंबर-5: ताइवान
टॉप-10 लिस्ट में अचानक धमाकेदार एंट्री लेकर ताइवान ने दुनिया को चौंकाया है, तो वहीं भारत से 5वें सबसे बड़े शेयर बाजार का तमगा भी छीना है. दिल्ली से भी कम आबादी वाले देश का मार्केट कैपिटलाइजेशन तेज बढ़ोतरी के साथ 5 ट्रिलियन डॉलर हो गया.
नंबर-6: भारत
भारत को झटका लगा है और टॉप-10 शेयर बाजारों की लिस्ट में ये एक पायदान नीचे आ गया है. ताइवान की एंट्री के बाद भारत छठा सबसे बड़ा शेयर मार्केट है. Indian Stock Market MCap की बात करें, तो ये 4.9 ट्रिलियन डॉलर है.
नंबर-7: साउथ कोरिया
साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी गदर मचा रहा है. मार्केट कैप के लिहाज से South Korea Share Market लिस्ट में सातवें पायदान पर काबिज है. मार्केट कैप में ये भारत से कुछ ही पीछे रह गया है. इस देश के शेयर बाजार की मार्केट वैल्यू 4.5 ट्रिलियन डॉलर है.
नंबर-8: कनाडा
अगला नंबर कनाडा का आता है, कनाडाई शेयर बाजार आठवें नंबर पर है और इसकी कांटे की टक्कर मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में साउथ करिया के साथ ही. दरअसल, दोनों देशों के शेयर बाजारों की वैल्यू 4.5 ट्रिलियन डॉलर है.
नंबर-9: ब्रिटेन
UK Stock Market MCap 4 ट्रिलियन डॉलर है और इस आंकड़े के साथ ये टॉप-10 लिस्ट में नौंवा सबसे बड़ा शेयर बाजार है. लंदन स्टॉक एक्सचेंज लंदन, इंग्लैंड में स्थित है, जो 1801 में शुरू हुआ था.
नंबर-10: फ्रांस
दुनिया के 10 सबसे बड़े शेयर बाजारों की लिस्ट में 10वें पायदान पर नाम फ्रांस का आता है और यहां के स्टॉक मार्केट यूरोनेक्स्ट पेरिस की मार्केट वैल्यू की अगर बात करें, तो ये 3.5 ट्रिलियन डॉलर है.
आजतक बिजनेस डेस्क