इजरायल द्वारा लेबलान पर अटैक किए जाने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया गया है. ईरान ने यह फैसला तब लिया है, जब कुछ दिन पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हुआ था. इस बीच, ट्रंप ने होर्मुज को लेकर नया प्रस्ताव रखा है.
ईरान द्वारा होर्मुज को बंद किए जाने वाली बात को इग्नोर करते हुए ट्रंप ने होर्मुज पर टोल टैक्स वसूलने की बात की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच 60 दिनों की युद्धविराम अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टोल नहीं लगाया जाएगा, लेकिन अगर शांति समझौते विफल होता है तो भविष्य में अमेरिका द्वारा शुल्क लगाए जाने की संभावना है.
ट्रंप ने आगे कहा कि यह टोल टैक्स वसूली, मिडिल ईस्ट देशों के नुकसान की भरपाई के लिए की जाएगी. हालांकि, ट्रंप ने ईरान द्वारा होर्मुज क्लोज किए जाने पर कोई बात नहीं की. लेकिन फिर से होर्मुज के बंद होने से तनाव बढ़ गया है.
अपने रिस्क पर लें होर्मुज में एंट्री
इजरायली कोर ऑफ गारंटर (IRGC) ने लेबनान में इजरायल की कार्रवाई और अमेरिका द्वारा युद्धविराम प्रतिबद्धताओं का पालन न करने का हवाला देते हुए जहाजों को जलमार्ग से दूर रहने की चेतावनी दी. उसने कहा कि जलडमरूमध्य में प्रवेश करने वाले जहाज अपने जोखिम पर ऐसा करेंगे.
फिर तेल पर छाया संकट
ईरान के इस फैसले से एनर्जी आपूर्ति पर फिर से संकट मड़राता हुआ दिख रहा है. इस घोषणा से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं, क्योंकि यह जलडमरूमध्य तेल और गैस निर्यात के लिए एक प्रमुख मार्ग है. सोमवार को मार्केट ओपेन होने के बाद फिर से तेल की कीमतों में उछाल देखी जा सकती है.
इस बीच, अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि शनिवार को 55 व्यापारिक जहाजों ने 17 मिलियन बैरल से अधिक तेल और अन्य माल ले जाते हुए इस मार्ग को पार किया और कमर्शियल के निरंतर प्रवाह को सुनिश्चित करने का वादा किया.
ईरान ने होर्मुज और समझौते पर क्या कहा?
उधर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने वाशिंगटन पर 14 सूत्रीय अंतरिम समझौते के पहले खंड को लागू करने में विफल रहने का आरोप लगाया, जिसमें लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्धविराम की आवश्यकता थी.
मोखबर ने चेतावनी दी कि जब तक समझौते को व्यवहार में लागू नहीं किया जाता, मिडिल ईस्ट में ऊर्जा आपूर्ति रुकी रहेगी. उनकी यह टिप्पणी इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच नए सिरे से शुरू हुई झड़पों के बीच आई है, जिससे लेबनान युद्धविराम की स्थिरता पर नए सिरे से संदेह पैदा हो गया है.
आजतक बिजनेस डेस्क