157 से 25 रुपये पर आया भाव... 84% टूटा ये चर्चित स्‍टॉक, पहले डबल किया था पैसा!

इस शेयर ने निवेशकों के 57000 करोड़ रुपये 2 साल से भी कम समय में डूबो दिया है, जबकि पहले इसने कुछ ही दिनों में निवेशकों के पैसे को डबल किया था.

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ओला इलेक्ट्रिक शेयर.   (File Photo: ITGD) ओला इलेक्ट्रिक शेयर. (File Photo: ITGD)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 27 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

आईपीओ आने के बाद बहुत सी कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी रहती है और वह निवेशकों को अच्‍छे रिटर्न दे जाते हैं, लेकिन उसके बाद बहुत से ऐसे भी स्‍टॉक रहते हैं, जिसमें भारी गिरावट आती है और धीरे-धीरे उस कंपनी में निवेशकों का पैसा साफ हो जाता है. 

आज हम ऐसे ही एक स्‍टॉक के बारे में बता रहे हैं, जिसने  IPO आने के बाद निवेशकों के पैसे लगभग डबल कर दिया था. लेकिन जब गिरावट शुरू हुई तो यह शेयर अपने आईपीओ प्राइस से भी ज्‍यादा गिर गया. आलम ये है कि अब ये शेयर  84 फीसदी तक टूट चुका है. 

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हम जिस शेयर की बात कर रहे हैं, वह कभी 157 रुपये के रिकॉर्ड  लेवल पर कारोबार कर रहा था, लेकिन अब 25 रुपये पर आ चुका है. यह शेयर भाविश अग्रवाल की कंपनी Ola Electric का है. शुरुआती दौर में इस कंपनी का इले क्ट्रिक स्‍कूटर इंडस्‍ट्री में 80 फीसदी से ज्‍यादा का मार्केट शेयर था, लेकिन अब इसका मार्केट शेयर घटकर 5 फीसदी के करीब रह गया है. 

निवेशकों के 57,000 करोड़ रुपये साफ
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में भारी गिरावट के कारण निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है. साल 2024 में 76 रुपये के इश्‍यू प्राइस पर लिस्‍ट होने के बाद शेयरों में भारी उछाल आया था, जिससे इसकी कीमत 157 रुपये पहुंच गई थी.हालांकि, तब से इस तेज गिरावट ने निवेशकों की लगभग 57,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को नष्ट कर दिया है.

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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरावट इतनी तेज हुई है कि दो साल से भी कम समय में शेयर 157 रुपये से घटकर 25 रुपये के करीब आ चुका है. यह रिकॉर्ड हाई से 84 फीसदी नीचे तो है ही, साथ ही अपने इश्‍यू प्राइस से 70 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है.  

क्‍यों आई इस शेयर में भारी गिरावट? 
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में भारी गिरावट के सिर्फ एक कारण नहीं हैं. इसके कई वजह सामने आए हैं. सबसे बड़ी वजह मार्केट शेयर में लगातार गिरावट जारी रहना. अब इल‍ेक्ट्रिक टू-व्‍हीलर सेगमेंट में इसका मार्केट शेयर घटकर 5 फीसदी के करीब आ चुका है. 

ओला पर दबाव सिर्फ प्रतिस्पर्धा या मांग में गिरावट तक ही सीमित नहीं है. नियामक अनुपालन भी जांच के दायरे में आ गया है. कई ओला इलेक्ट्रिक शोरूम और सर्विस सेंटर वैध व्यापार प्रमाण पत्र के बिना संचालित होते पाए गए थे और सरकार द्वारा उन्हें बंद करने का निर्देश दिया गया था.

इसके अलावा, प्रमोटर्स ने लगातार इस कंपनी से अपनी हिस्‍सेदारी बेचकर बाहर निकले हैं. भाविश अग्रवाल ने भी अपनी हिस्‍सेदारी काफी कम कर दी है. ब्रोकरेज फर्म भी  इस शेयर पर रेटिंग में लगातार कटौती कर रहे हैं. गोल्‍डमैन सैक्‍स ने इस शेयर पर टारगेट को 52 रुपये से कम करके 26 रुपये कर दिया है. अब निवेशक कैसे भी करके इस शेयर से निकलना चाहते हैं?  
 
(नोट- यहां बताया गया टारगेट ब्रोकरेज के अपने विचार हैं. किसी भी शेयर में निवेश से पहले योग्‍य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

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