RBI on Repo Rates: आपके लोन पर RBI का बड़ा ऐलान, रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव

आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा कि बैठक में रेपो रेट को अनचेंज रखने का फैसला किया गया है. साथ ही महंगाई और देश की जीडीपी का अनुमान भी अनचेंज रखा है.

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आरबीआई की बैठक में बड़ा फैसला. (Photo: ITG) आरबीआई की बैठक में बड़ा फैसला. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 05 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:45 AM IST

भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी समिति की बैठक में हुए फैसले का ऐलान हो चुका है. आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने ऐलान करते हुए कहा कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. रेपो रेट 5.25% पर अपरिवर्तित रखा गया है. इसका मतलब है कि आपके लोन की ईएमआई में बढ़ोतरी नहीं होगी. आपके लोन का ब्‍याज स्थिर रहेगा. 

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गवर्नर ने कहा कि ग्‍लोबल स्‍तर पर कई सेंट्रल बैंक ब्‍याज दरों को बढ़ा रहे हैं, लेकिन आरबीआई की बैठक में रेपो रेट को अनचेंज रखने का फैसला लिया गया है. ग्‍लोबल इकोनॉमी में अनिश्चितता देखी गई है और सप्‍लाई चेन रुकने से मार्केट में भी उतार-चढ़ाव हुआ है. हालांकि भारत की इकोनॉमी मजबूत बनी हुई है. हम इस समय भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और इकोनॉमी स्थिर बनी हुई है. 

इससे पहले आरबीआई ने फरवरी 2025 से अब तक कुल 125 पॉइंट की दर कटौती की है. हालांकि, पिछले मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक से कोई बदलाव नहीं किया गया है. वहीं महंगाई की बात करें तो भारत में खुदरा महंगाई दर अप्रैल 2026 में बढ़कर 3.48% हो गई, जो RBI के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से कम रही.

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत 
भारत का विदेशी मुद्रा भंड़ार $682.3 बिल‍ियन डॉलर पर बना हुआ है. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बीमा सेक्‍टर में 100 फीसदी एफडीआई प्रोग्राम सफल रहा है.  

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महंगाई पर क्‍या बोले गवर्नर? 
गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​की अध्यक्षता में हुई मॉनिटरी पॉलिसी समिति (MPC) की बैठक के समापन के बाद, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत के कंज्‍यूमर प्राइस इंडेक्‍स (CPI) महंगाई के नजरिए को 5.1 प्रतिशत पर अनुमानित किया है, जो पहले के अनुमान से लगभग 50 आधार अंक अधिक है. उन्होंने पहली तिमाही में महंगाई 4.2 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 5.1 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. इस साल कोर महंगाई दर 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है. 

महंगाई को लेकर चिंता 
उन्‍होंने कहा कि मानसून में देरी की संभावना और अलनीनो के कारण सप्‍लाई चेन प्रभावित हो सकती है, जिससे महंगाई को लेकर थोड़ी च‍िंता रहेगी. हालांकि, ये आरबीआई की सीमा के आसपास रहने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि खाद्य महंगाई दर में मामूली वृद्धि हुई, जबकि ईंधन महंगाई में कोई खास बदलाव नहीं आया, और साथ ही यह भी कहा कि मूल महंगाई स्थिर बनी हुई है. पश्चिमी एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक कच्चे तेल और गैस की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई की स्थिति नीति समीक्षा का प्रमुख केंद्र बिंदु रही. 

जीडीपी का अनुमान 
गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने पॉलिसी समीक्षा बैठक के बाद बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 5 जून को वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की रीयल GDP ग्रोथ का अनुमान पहले के 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है. पहली तिमाही में यह 6.8 प्रतिशत से कम होकर 6.6 प्रतिशत हो गई. दूसरी तिमाही में 6.7 प्रतिशत से घटकर 6.3 प्रतिशत हो गई है. तीसरी तिमाही में 7 प्रतिशत से कम होकर 6.5 प्रतिशत हो गई है. चौथी तिमाही में ये 7.2 प्रतिशत से घटकर 6.8 प्रतिशत हो गई है. 

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