अचानक अमेरिका के दो बड़े अधिकारियों से मिले पीयूष गोयल, ट्रेड डील पर बताई एक-एक बात

India-US Trade Deal को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बड़ी बैठक की है. उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ तमाम मुद्दों पर चर्चा की और बैठक को सार्थक बताया है.

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अमेरिकी वाणिज्य सचिव और राजदूत के साथ पीयूष गोयल की बड़ी बैठक. (Photo: X/@PiyushGoyal) अमेरिकी वाणिज्य सचिव और राजदूत के साथ पीयूष गोयल की बड़ी बैठक. (Photo: X/@PiyushGoyal)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:49 PM IST

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को मजबूत करने के लिए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) से मुलाकात की. गुरुवार को हई इस बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर शेयर कर इसके बारे में जानकारी दी और बताया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को लेकर हुई चर्चा सार्थक रही. 

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US में टैरिफ घमासान के बाद बड़ी बैठक
Piyush Goyal ने इस बातचीत को द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को गहरा करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम करार दिया. उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर जानकारी शेयर करते हुए लिखा, 'अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक और भारतीय राजदूत सर्जियो गोर की मेजबानी की, व्यापार और आर्थिक साझेदारी को विस्तार देने के लिए उनके साथ बहुत ही सार्थक चर्चा हुई.' अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार दिए जाने और ट्रंप की ओर से 15% का ग्लोबल टैरिफ लगाए जाने के बाद हुई इस बैठक को महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. 

ट्रेड डील को पूरा करने पर मंथन
US Tariff पर लेकर अमेरिका में मचे घमासान और व्यापारिक परिस्थितियों में हो रहे बदलावों के बावजूद दोनों देश एक अंतरिम व्यापार समझौते को पूरा करने को प्राथमिकता दे रहे हैं. इसका उद्देश्य व्यापारों और निवेशकों के लिए बेहद जरूरी स्थिरता प्रदान करना है. भारत-अमेरिका दोनों पक्षों की टीमें फिलहाल व्यापार समझौते के लीगल ड्राफ्ट की समीक्षा कर रही हैं. इसे लेकर होने वाली चर्चाओं में निवेश के लिए नए क्षेत्रों की पहचान से लेकर मौजूदा व्यापार बाधाओं को कम करने पर फोकस किया जा रहा है.

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टैरिफ पर अमेरिका में क्या हुआ? 
गौरतलब है कि बीते 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने Donald Trump के अप्रैल 2025 में IEEPA यानी 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट का उपयोग कर लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी बताते हुए रद्द कर दिया था. अदालत में मिली इस हार के बाद ट्रंप ने पहले दुनिया के सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया और फिर इसे बढ़ाकर 15% कर दिया. ये टैरिफ 150 दिनों तक लागू रह सकता है और आगे बढ़ाने के लिए यूएस कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी. 

भारत-US डील में अब तक क्या-क्या? 
बता दें कि टैरिफ टेंशन के चलते भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत बनती बिगड़ती रही है. बता दें कि अप्रैल में भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद अमेरिका ने अगस्त 2025 में भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगा दिया था और इसके बाद ये 50% हो गया था. फरवरी महीने में फिर बात बनती दिखी और ट्रंप ने डील पर पूरी सहमति बनने का बयान देते हुए भारत पर लागू टैरिफ को घटाकर 18% किए जाने का ऐलान कर दिया. Trade Deal का फ्रेमवर्क भी जारी हो चुका है और अब सिर्फ इसे अंतिम रूप देना बाकी है. द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर करने और उसे लागू करने के लिए इस फ्रेमवर्क को कानूनी दस्तावेज में परिवर्तित करना जरूरी है.

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