सरकारी तेल डिस्ट्रीब्यूटर कंपनियां (OMCs) मार्केट में नया एलपीजी सिलेंडर लाने पर विचार कर रही हैं. यह सिलेंडर 10 किलो का होगा और इसको घरों तक पहुंचाने का प्रस्ताव है और अगर मंजूरी मिल जाती है, तो इन सिलेंडर को कमर्शियल एलपीजी की कीमत पर बेचा जाएगा.
हालांकि, मार्केट में उच्च घनत्व पॉलीइथिलीन (HDPI) कंपोजिट टेक से बने छोटे सिलेंडर पहले से ही घरेलू ग्राहकों के लिए अलग-अलग ब्रांड नामों के तहत उपलब्ध हैं, जिनमें HPCL का HP गैस ओजस, इंडियनऑयल का इंडेन एक्स्ट्रालाइट और बीपीसीएल का भारतगैस लाइट शामिल हैं.
10kg वाला सिलेंडर किसके लिए फायदेमंद
एक तेल कंपनी के अधिकारी ने कहा कि 10 किलोग्राम का कंपोजिट सिलेंडर पारंपरिक स्टील सिलेंडर से लगभग 50% हल्का है, जिससे इसे ले जाना, ट्रांसपोर्ट करना और संभालना आसान हो जाता है. स्टील सिलेंडरों के विपरीत, इन्हें ऊपरी मंजिलों तक ले जाना आसान है और इसके पारदर्शी कवर से उपभोक्ता बिना गेज के गैस का स्तर देख सकते हैं, जिससे रिफिल की योजना बनाना आसान हो जाता है.
ओएमसी मौजूदा समय में कमर्शियल यूजर्स और घरेलू एलपीजी कनेक्शन के बिना यूजर्स के लिए 19 किलोग्राम, 5 किलोग्राम और 2 किलोग्राम के सिलेंडर बाजार में उपलब्ध कराती हैं. कमर्शियल LPG की कीमत घरेलू खाना पकाने की गैस से लगभग 133% अधिक है. दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है, जबकि 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,930 रुपये है. 5 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 808.5 रुपये है.
टारगेट ग्रुप और डिस्ट्रीब्यूशन
अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित विस्तार से प्रवासी कामगारों, किरायेदारों, छात्रों, स्ट्रीट वेंडरों, कैफे और फूड स्टॉलों को लाभ होगा, जिन्हें एलपीजी की आवश्यकता तो है लेकिन 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडरों के लिए जगह की कमी है. सूत्रों ने आगे बताया कि बेहतर पहुंच के लिए मौजूदा गैस एजेंसियों और चुनिंदा खुदरा दुकानों के माध्यम से अलग-अलग सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकते हैं.
अभी वैल्यूएशन कर रहीं कंपनियां
उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि 10 किलोग्राम के सिलेंडरों को कमर्शियल प्राइस पर बेचने से कीमतें मौजूदा व्यावसायिक पेशकशों के अनुरूप हो जाएंगी, लेकिन इससे कम आय वाले यूजर्स के लिए सामर्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं. एक ऊर्जा विश्लेषक ने कहा कि प्राइस तय और डिस्ट्रीब्यूशन ही यह तय करेंगे कि क्या यह शहरी कमजोर उपभोक्ताओं के लिए एक व्यावहारिक समाधान साबित होगा. ओएमसी ने कोई निश्चित समयसीमा बताने से इनकार कर दिया. ओएमसी ने कहा कि आखिरी फैसला लेने से पहले हम मांग, सुरक्षा संबंधी मंजूरी और रसद का वैल्यूएशन कर रहे हैं.
आजतक बिजनेस डेस्क