अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने एक बयान में Short Selling करने वाले शॉर्ट सेलर्स पर निशाना साधा है. अमेरिकी शेयर मार्केट की गतिविधियों और ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप के शेयरों में आए तूफानी उछाल के बीच उन्होंने कहा है शॉर्ट सेलिंग करने वाले लोग मुझे कभी पसंद नहीं आए और अब तो वे पूरी तरह से बर्बाद हो रहे हैं.
शॉर्ट सेलर्स पर ट्रंप ने कैसे कसा तंज?
Donald Trump ने शेयर बाजार के शॉर्ट सेलर्स पर तंज करते हुए कहा है कि, 'कुछ लोग हैं जिन्होंने शॉर्ट सेलिंग की, वे बेचारे अब बड़ी मुसीबत में आ गए हैं, वे पूरी तरह बर्बाद हो रहे हैं.' उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि मुझे शॉर्ट सेलर्स कभी पसंद नहीं आए, क्योंकि वे देश के खिलाफ दांव लगाते हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने Trump Media & Technology के शेयरों में उछाल के बीच शॉर्ट सेलर्स को लेकर ये बड़ा बयान दिया है. बीते कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में ही कंपनी के शेयर (TMTG Share) 20% से अधिक उछल गए, जिससे महत्वपूर्ण शॉर्ट पोजीशन रखने वाले निवेशकों पर दबाव पड़ा. राष्ट्रपति के मुताबिक, ट्रंप मीडिया कंपनी के खिलाफ दांव लगाने वाले शॉर्ट सेलर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनका सफाया हो रहा है.
शॉर्ट सेलिंग क्या होती है?
ट्रंप ने जिन शॉर्ट सेलर्स को लेकर निशाना साधा है, आखिर वे काम कैसे करते हैं, इसे जान लेना जरूरी है. तो बता दें कि, Short Selling एक ऐसी स्ट्रेटजी होती है, जिसमें आप एक ऐसी सिक्योरिटी की बिक्री करते हैं, जो आपके पास होती ही नहीं है. बल्कि ये पूरा खेल उधार के शेयरों के जरिए खेला जाता है. इसमें खास बात ये होती है कि शॉर्ट सेलिंग में ट्रेडिंग करने वाले स्टॉक्स की कीमत बढ़ने के बजाय उसके गिरने पर कमाई करते हैं.
एक उदाहरण के जरिए समझें, तो अगर किसी कंपनी के शेयर को शॉर्ट सेलर इस उम्मीद से खरीदता है कि भविष्य में 200 रुपये का स्टॉक गिरकर 100 रुपये पर आ जाएगा. इसी उम्मीद में वो दूसरे ब्रोकर्स से इस कंपनी के शेयर उधार के तौर पर ले लेता है. ऐसा करने के बाद शॉर्ट सेलर इन उधार लिए गए शेयरों को दूसरे ऐसे निवेशकों को बेच देता है, जो इसे 200 रुपये के भाव से ही खरीदने को तैयार बैठे हैं.
वहीं जब उम्मीद के मुताबिक, कंपनी का शेयर गिरकर 100 रुपये पर आ जाता है, तो शॉर्ट सेलर उन्हीं निवेशकों से शेयरों की खरीद करता है. गिरावट के समय में वो शेयर 100 रुपये के भाव पर खरीदता है और जिससे उधार लिया था उसे वापस कर देता है. इस हिसाब से उसे प्रति शेयर 100 रुपये का जोरदार मुनाफा होता है. इसी रणनीति के तहत हिंडनबर्ग कंपनियों को शॉर्ट कर कमाई करती है.
आजतक बिजनेस डेस्क