सोना और चांदी के भाव में इन दिनों तेजी से गिरावट आई है. मल्टी कमोडिटी मार्केट पर जून में सोने के दाम में गिरावट 17,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 51,000 रुपये गिर चुकी है. जबकि रिकॉर्ड हाई की तुलना में सोना-चांदी और भी नीचे आए हैं.
रिकॉर्ड हाई की बात करें तो सोना 1.93 लाख रुपये से 49,000 रुपये टूटकर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ चुका है. वहीं चांदी की बात करें यह 4.20 लाख रुपये प्रति किलो से 1.98 लाख रुपये टूटकर 2.22 लाख रुपये प्रति किलो पर आ चुकी है.
इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने-चांदी को लेकर इसी तरह की गिरावट देखने को मिली है. सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ चुका है और चांदी भी 57 डॉलर प्रति औंस के कारीब कारोबार कर रहा है. सोना अपने रिकॉर्ड हाई से 30 फीसदी, जबकि चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से 50 फीसदी नीचे आ चुकी है.
इतने उतार-चढ़ाव को देखते हुए चीन ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे सोने और चांदी की कीमत और भी नीचे आ सकती है. यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब पहले से ही कीमती धातुएं फेड रेट में बढ़ोतरी की आशंका के दबाव से गुजर रहे हैं और हर दिन इनके दाम गिर रहे हैं.
सोना सस्ता होना, ज्वेलरी या फिजिकल गोल्ड खरीदारों के लिए अच्छा विकल्प है, लेकिन उन लोगों के लिए झटका हो सकता है, जिन्होंने जून से पहले सोना और चांदी में खरीदारी की थी और ट्रेडिंग या शॉर्ट टर्म के लिए सोना में खरीदारी कर रहे हैं. आइए जानते हैं चीन ने क्या ऐसा फैसला लिया है...
दरअसल, साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, चीन के सबसे बड़े बैंक, जैसे Industrial and Commercial Bank of China (ICBC), ने घोषणा की है कि वे 24 जुलाई 2026 से रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए Shanghai Gold Exchange से जुड़े गोल्ड और अन्य कीमती धातुओं के ट्रेडिंग अकाउंट बंद कर देंगे.
यह रोक सिर्फ उन हाई रिस्क ट्रेडिंग सर्विस पर है, जिनमें बैंक SGE के जरिए रिटेल निवेशकों को ट्रेडिंग की सर्विस देते थे. बाकी फिजिकल गोल्ड, ज्वेलरी या किसी अन्य माध्यमों से गोल्ड में निवेश किया जा सकता है. चीन ने यह फैसला इसलिए लिया है कि वह नहीं चाहता कि रिटेलर्स इस उतार-चढ़ाव के बीच नुकसान उठाएं.
आम लोगों को गोल्ड की सट्टेबाजी से दूर रखना चाहता है. साथ ही अगर लाखों रिटेल निवेशकों को एक साथ नुकसान होता है तो बैंकिंग सिस्टम पर दबाव पड़ सकता है. ऐसे में रिस्क को कम करने के लिए चीन ने ट्रेडिंग अकाउंट बंद करने का फैसला लिया है.
अब चीन के इस फैसले से सोने के वॉल्यूम में कमी आ सकती है, जिससे गोल्ड की कीमतें और भी कम हो सकती हैं. भारत में भी इसका असर हो सकता है. ग्लोबल गोल्ड-सिल्वर पर दबाव के कारण भारत के कमोडिटी मार्केट और सर्राफा बाजार पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है.
(नोट- किसी भी असेट में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)