भारतीय क्रिकेट में एक नया नाम तेजी से चर्चा में है- 15 साल के वैभव सूर्यवंशी. टीम इंडिया में उनके चयन की खबर जैसे ही सामने आई, उनके परिवार और पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई. घर पर जश्न जैसा माहौल है और परिजन इस उपलब्धि को भगवान का आशीर्वाद बता रहे हैं.
वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी इस मौके पर बेहद भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि बहुत खुशी है. वैभव के लिए सभी अच्छा बोलते हैं. हम लोग बहुत खुश हैं. बच्चे ने इसी के लिए इतनी मेहनत की थी. उसका फल बच्चे को मिला. अब पूरे बिहार का, पूरे देश के लोगों का आशीर्वाद उसके साथ है. उसकी खुद की मेहनत है. साथ ही साथ भगवान का भी आशीर्वाद उसके साथ है. सब कुछ अच्छा रहा तो रिकॉर्ड की क्या बात है? देश को अगर जीत दिलाता है, वही मेरे लिए सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. वही हम चाहते हैं. जब तक खेले, देश के लिए खेले. देश के लिए अच्छा खेले और उस कारण देश के काम आए.
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उन्होंने कहा कि हमको लग रहा था कि कुछ अच्छा होगा. हम लोग आशा में थे कि उसका सिलेक्शन हो सकता है और हो गया. इसमें सबका आशीर्वाद है, सबका प्यार है. उसको 5 साल से हमने खेलने भेजना शुरू कर दिया था. जब 9 साल का हुआ तो लोकल में खिलाना शुरू कर दिया था. हमको उसी समय अंदाजा लग गया था.
संजीव सूर्यवंशी ने कहा कि हम सोचते थे कि 50 रन मारेगा, तो वो 100 मार देता था. उतना छोटा बच्चा होते हुए ऐसे खेलता था तो हमको उम्मीद जाग गई थी कि लड़का आगे चलकर अच्छा करेगा. फिर हम सबकुछ छोड़कर उसी के पीछे लग गए. उन्होंने कहा कि हर बच्चे का अपना अलग तरीका होता है खेलने का और किसी को किसी की नकल नहीं करनी चाहिए. उन्होंने साफ कहा, कोई वैभव बनने की कोशिश न करे, हर बच्चे को अपने तरीके से खेलना चाहिए.
पिता ने अपने छोटे बेटे का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उनका छोटा बेटा भी क्रिकेट खेलता है और वह भी ट्रेनिंग लेता है. संजीव सूर्यवंशी ने कहा कि उनका छोटा वैभव जब पहले यहां खेलता था तो खूब शतक लगाता था. उनके अनुसार, वो हमेशा दिखाना चाहता था कि हम बच्चे हैं तो क्या, हम भी खेल सकते हैं. वो खुद को साबित करना चाहता था.
वैभव के चयन के समय घर का माहौल पूरी तरह भावनात्मक था. उनकी मां उस वक्त पूजा में लगी हुई थीं और परिवार के लोग इस पल को ईश्वर की कृपा मान रहे थे. पिता ने बताया कि वह खुद भी क्रिकेट खेलते थे, लेकिन इसमें करियर नहीं बना पाए. इसी अधूरी ख्वाहिश को उन्होंने अपने बेटे वैभव के जरिए आगे बढ़ाने का फैसला किया.
इसी बीच, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज और आगामी एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है. चयन समिति की बैठक शनिवार 6 जून को BCCI मुख्यालय में हुई, जिसमें टीमों को अंतिम रूप दिया गया. तीनों स्क्वॉड में वैभव सूर्यवंशी को शामिल किया गया है.
टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है, जबकि तिलक वर्मा को उप-कप्तान बनाया गया है. चयनित टीम में रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और अन्य खिलाड़ियों के साथ वैभव सूर्यवंशी का नाम भी शामिल है.
इस चयन ने क्रिकेट जगत में भी चर्चा बढ़ा दी है. कुछ दिन पहले पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भी वैभव को लेकर संकेत दिए थे कि उनके पास असाधारण प्रतिभा है. उन्होंने कहा था कि जैसे सचिन तेंदुलकर 15 साल की उम्र में आए थे, कुछ खिलाड़ियों में बचपन से ही खास क्षमता दिखती है.
वैभव का चयन न सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखते हैं. फिलहाल पूरा परिवार इस उपलब्धि को भगवान का आशीर्वाद मानकर खुशी मना रहा है और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहा है.
जहांगीर आलम