बिहार: सुपौल में तेज रफ्तार बस का खौफनाक हादसा, तेज रफ्तार बस खाई में गिरी, बाल-बाल बची 30 यात्रियों की जान

सुपौल में NH-106 पर यात्रियों से भरी तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, लेकिन बांस के झुंड में फंस जाने से बड़ा हादसा टल गया. बस में सवार करीब 30 यात्रियों की जान बच गई. हादसे में करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है.

Advertisement
खाई में गिरी यात्रियों से भरी बस. (Photo: Screengrab) खाई में गिरी यात्रियों से भरी बस. (Photo: Screengrab)

राम चन्द्र मेहता

  • सुपौल ,
  • 11 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:57 PM IST

बिहार के सुपौल जिले में तेज रफ्तार का खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहां यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी. हालांकि खाई में मौजूद घने बांस के झुंड ने बड़ा हादसा होने से बचा लिया. बस बांस में फंस गई और उसमें सवार करीब 25 से 30 यात्रियों की जान बच गई. हादसे में करीब आधा दर्जन यात्री घायल हुए हैं.

Advertisement

घटना पिपरा थाना क्षेत्र के विशनपुर स्थित NH-106 की बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, यात्रियों से भरी बस भीमनगर से सहरसा की ओर जा रही थी. इसी दौरान तेज रफ्तार बस अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे गहरी खाई में जा फिसली. बस पूरी तरह पलटने ही वाली थी कि खाई में मौजूद बांस के झुंड में जाकर अटक गई.

बस के खाई में लटकते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई. कुछ देर के लिए मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया. बस में बैठे लोग बुरी तरह घबरा गए थे. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर बस बांस में नहीं फंसती और पूरी तरह पलट जाती, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था.

बांस के झुंड ने बचाई 30 लोगों की जान

हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला. इस दौरान काफी देर तक राहत और बचाव का काम चलता रहा. ग्रामीणों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

Advertisement

घटना में घायल हुए करीब आधा दर्जन यात्रियों को इलाज के लिए पिपरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है. वहीं सूचना मिलते ही पिपरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी.

बस में सवार एक यात्री ने बताया कि बस पूरी तरह खाई में चली गई थी, लेकिन बांस के झुंड में फंस जाने से सभी की जान बच गई. यात्री ने कहा कि कई लोगों को चोटें आई हैं, लेकिन ग्रामीणों ने समय रहते सभी को बाहर निकाल लिया.

चीख-पुकार के बीच ग्रामीण बने फरिश्ता

स्थानीय लोगों का कहना है कि NH-106 पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं. इस बार बांस का झुरमुट कई परिवारों के लिए जीवनदाता साबित हुआ. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »