बिहार की राजनीति में सरकारी आवास को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. मुजफ्फरपुर में आयोजित सहयोग शिविर में पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर तीखा हमला बोला.
सम्राट चौधरी ने कहा, 'घर तो खाली करना पड़ेगा, कोई माई का लाल नहीं है जो सरकारी घर खाली नहीं करेगा. यहां लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं. यहां मां को अलग घर चाहिए, बेटे को अलग घर चाहिए.'
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में सरकारी आवास और उसके उपयोग को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है. हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को सीधे तौर पर राबड़ी देवी और उनके परिवार पर राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है.
सहयोग शिविर के दौरान सम्राट चौधरी ने राज्य सरकार की योजनाओं की समीक्षा भी की और लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. अब देखना होगा कि इस पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है.
शेखपुरा जिले के बरबीघा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को हमेशा अपने सरकारी बंगले की चिंता बनी रहती है, लेकिन सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि सरकारी आवास स्थायी संपत्ति नहीं होता.
नीतीश कुमार का किया जिक्र
सम्राट चौधरी ने कहा कि वह पिछले 10 वर्षों में किसी सरकारी बंगले में नहीं रहे हैं. उन्होंने नीतीश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि पद छोड़ने के बाद उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया था, फिर भी उन्होंने स्वेच्छा से मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया था. सम्राट ने कहा कि यह एक आदर्श उदाहरण है कि जनप्रतिनिधियों को सरकारी संसाधनों का उपयोग केवल पद पर रहते हुए ही करना चाहिए.
मणि भूषण शर्मा / शशि भूषण कुमार