बिहार की राजधानी पटना में पटना जंक्शन (रेलवे स्टेशन) के करीब स्थित महावीर मंदिर में इस वर्ष रामनवमी 27 मार्च, शुक्रवार को मनाई जाएगी. रामनवमी के मौके पर भव्य और दिव्य आयोजन के लिए मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. इस बार मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने मिलकर भक्तों की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. अनुमान है कि इस वर्ष चार से पांच लाख श्रद्धालु रामभक्त हनुमान के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर पहुंच सकते हैं.
लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने के अनुमान देखते हुए मंदिर प्रशासन ने यह तय किया है कि मंदिर के पट रामनवमी के दिन रात दो बजे खोल दिए जाएंगे. रामनवमी के दिन रात दो बजे से ही भक्तों के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे. दोपहर 12 बजे आरती के बाद बिना फूल-माला के प्रसाद की एंट्री की अनुमति होगी. इस वर्ष सबसे पहले दर्शन करने वाले पहले 10 भक्तों को सम्मानित करने का फैसला भी मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने किया है.
27 मार्च को क्यों मनाई जाएगी रामनवमी?
पंचांग के अनुसार 26 मार्च को नवमी तिथि दोपहर बाद शुरू हो रही है, लेकिन मध्याह्न काल में रामजन्म की शुभ वेला 27 मार्च को ही बन रही है. पुनर्वसु नक्षत्र और नवमी तिथि का संयोग 27 मार्च को मिलने के कारण इसी दिन रामनवमी मनाई जाएगी. ध्यान देने योग्य है कि शुक्रवार की सुबह 9 बजे से दोपहर के 12 बजे तक राहुकाल रहेगा, इसलिए ध्वज पूजन का संकल्प सुबह 9 बजे से पहले लेने की सलाह दी गई है.
सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम
रामनवमी के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों, प्राइवेट गार्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ ही प्रशासन श्रद्धालुओं की भीड़ की वीडियोग्राफी भी कराएगा. मंदिर परिसर और इसके बाहर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी. इसके लिए पुलिस कंट्रोल सेंट्रल भी बनाया गया है. चोर और पॉकेटमारों पर विशेष नजर रखी जाएगी. श्रद्धालुओं के लिए डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी.
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हनुमान मंदिर के बाहर इस बार 20 बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए जा रहे हैं. इससे कतार में खड़े भक्त भी लाइव दर्शन कर सकेंगे और भीड़ की स्थिति का अंदाजा लगा सकेंगे. प्रवेश और निकास के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं. उत्तरी गेट से प्रवेश और दर्शन के बाद पूर्वी गेट से निकास की व्यवस्था की गई है. सब-वे (भू-तल मार्ग) के जरिये जीपीओ के पास निकासी का भी इंतजाम होगा.
श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी खास ध्यान
पटना के महावीर मंदिर में श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इस बात पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है. महिला और पुरुष भक्तों के लिए अलग व्यवस्था की गई है. जगह-जगह पेयजल, लाइट, शौचालय का भी इंतजाम किया गया है. मेडिकल टीम के साथ ही एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं. गर्मी से राहत के लिए भी इंतजाम किए गए हैं. गर्मी को देखते हुए मंदिर के गर्भगृह में 80 टन क्षमता का एसी लगाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिल सके.
नैवेद्यम लड्डू की विशेष तैयारी
इस वर्ष 18 हजार किलो नैवेद्यम लड्डू बनाने की योजना मंदिर प्रबंधन ने बनाई है. जरूरत पड़ने पर 24 हजार किलो लड्डू बनाने की क्षमता मंदिर प्रबंधन के पास है. इसके लिए गुजरात से बड़े-बड़े इंडक्शन चू्ल्हे मंगाए गए हैं. शाम को शहर की करीब 52 झांकियां मंदिर पहुंचेंगी. झंडा लेकर आने वाली समितियों को सम्मानित किया जाएगा. मंदिर परिसर के बाहर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. कोलकाता से मंगाए गए फूलों और लाइटिंग से भव्य सजावट की गई है.
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मंदिर प्रशासन की अपील
मंदिर प्रबंधन ने प्रशासन, पुलिस, गार्ड और स्वयंसेवकों से अपील की है कि श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करें. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी भी भक्त को जबरन पकड़कर आगे न बढ़ाया जाए, जिससे सभी को सहज और शांतिपूर्ण दर्शन मिल सके. कुल मिलाकर, इस वर्ष महावीर मंदिर में रामनवमी का आयोजन आस्था, आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन का संगम बनने जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और दिव्य अनुभव देने पर विशेष जोर दिया गया है.
रोहित कुमार सिंह