'मोदी जी-नीतीश जी, हमें सुरक्षित भारत लाएं', बहरीन में ईरानी हमले से बाल-बाल बचा बिहार का दीपक

ईरान युद्ध संकट के बीच बहरीन में अमेरिकी बेस पर हुई बमबारी से पटना सिटी के दीपक कुमार और उनकी पत्नी बाल-बाल बच गए. वीडियो कॉल के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से सुरक्षित भारत लौटाने की गुहार लगाई है. पटना में उनका परिवार बेहद चिंतित है और सरकार से त्वरित मदद की मांग कर रहा है.

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बिहार के दीपक ने लगाई मदद की गुहार (Photo: Screengrab) बिहार के दीपक ने लगाई मदद की गुहार (Photo: Screengrab)

राजेश कुमार झा

  • पटना,
  • 02 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:53 PM IST

ईरान युद्ध संकट के बीच बहरीन में हुए हमलों से पटना सिटी के रहने वाले दीपक कुमार और उनकी पत्नी पूजा बाल-बाल बच गए, दीपक मूल रूप से सहरसा के रहने वाले हैं और वर्तमान में बहरीन में कामकाज के सिलसिले में रह रहे थे. हाल ही में ईरान द्वारा बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस कैंप पर की गई बमबारी के दौरान उनका घर भी पास में होने के कारण वो दहशत में आ गए.

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ईरानी हमले से बाल-बाल बचे पटना के दीपक

दीपक और उनकी पत्नी ने आजतक से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत में बताया कि जब बमबारी शुरू हुई तो चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई. विस्फोट की आवाजें सुनकर वो तुरंत घर से निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे. फिलहाल वो बहरीन में एक पुराने मित्र के घर शरण लिए हुए हैं. उन्होंने कहा कि हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं और वो काफी डरे हुए हैं.

दीपक ने वीडियो कॉल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी तरह सुरक्षित भारत लाया जाए. उन्होंने बताया कि वो और उनकी पत्नी लगातार भय के माहौल में रह रहे हैं.

सुरक्षित देश लाए जाने की लगाई गुहार

इधर पटना में दीपक का परिवार बेहद चिंतित है. उनकी मां आशा प्रसाद, बहन डॉली भगत, बड़े भाई राजेश कुमार और भतीजी सारा गोपाल ने बताया कि जब से हमले की खबर मिली है, तब से पूरा परिवार तनाव में है. परिवार के सदस्यों ने कहा कि वो लगातार संपर्क में हैं, लेकिन हर पल अनहोनी का डर बना हुआ है.

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परिजनों ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि बहरीन और अन्य खाड़ी देशों में फंसे बिहारियों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए विशेष पहल की जाए. फिलहाल दीपक और उनका परिवार सुरक्षित हैं, लेकिन स्थिति सामान्य होने तक उनकी चिंता बनी हुई है.

 

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