बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर 11 लाइनों के अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री पद छोड़ने और भविष्य की सियासत का पूरा खाका खींच दिया है. उन्होंने इस पोस्ट में राज्यसभा सदस्य बनने की अपनी पुरानी ख़्वाहिश का जिक्र किया है. नीतीश कुमार ने बताया कि वे बिहार विधान मंडल और संसद के चारों सदनों का सदस्य बनने का अपना सपना पूरा करना चाहते हैं.
उन्होंने पिछले दो दशकों के जनसमर्थन के लिए जनता का आभार व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि उनके जाने के बाद बिहार में जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा मार्गदर्शन मिलता रहेगा.
यह पोस्ट बिहार में सत्ता परिवर्तन और एक नए सियासी दौर की शुरुआत का साफ इशारा है.
नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में आने वाले दौर के अपने सियासी सफर की रूपरेखा तय कर दी है. नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनके मन में शुरू से ही एक ख्वाहिश थी कि वे बिहार के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें. वे लोकसभा और बिहार के दोनों सदनों में रह चुके हैं और अब राज्यसभा जाकर अपनी इस यात्रा को पूर्ण करना चाहते हैं. उन्होंने इसे अपने संसदीय जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा है. मतलब साफ है कि अब नीतीश कुमार की फ्यूचर पॉलिटिक्स राष्ट्रीय राजधानी के सियासी गलियारों यानी संसद की चौखट के आस-पास घूमेगी.
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किया है, वो 11 लाइनों का है. इसमें कुछ मैसेज साफ तौर से दिखाई दे रहे हैं.
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नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद की कुर्सी खाली होने जा रही है. ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी सवाल यह है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा. बिहार की राजनीति में बीजेपी का दबदबा जेडीयू से ज्यादा है. यही वजह है कि नीतीश के बाद सूबे की कमान भारतीय जनता पार्टी के पास जा सकती है.
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