'वादा निभाइए'... MLC सीट को लेकर दबाव बना रहे उपेंद्र कुशवाहा, BJP ने भी दिया जवाब

बिहार में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को विधान परिषद सदस्य नहीं बनाए जाने का मामला गहरा गया है. बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि चुनाव से पहले दिया गया पत्र सिर्फ सीट बंटवारे के लिए था और इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजा गया था.

Advertisement
उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी को पुराना वादा याद दिलाया. Photo- ITGD) उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी को पुराना वादा याद दिलाया. Photo- ITGD)

शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:23 PM IST

बिहार में NDA के भीतर सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को विधान परिषद सदस्य नहीं बनाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस मुद्दे को लेकर गठबंधन में राजनीति गरमा गई है.

उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी को उसका एक पुराना वादा याद दिलाया है. दरअसल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष की तरफ से एक पत्र जारी किया गया था. इसमें लिखा था कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा बिहार विधानसभा चुनाव में 6 सीटों पर उम्मीदवार घोषित करेगी.

Advertisement

इसके साथ ही, बिहार विधान परिषद में एक सीट राष्ट्रीय लोक मोर्चा को बीजेपी के हिस्से से दी जाएगी. इस वादे के आधार पर ही उपेंद्र कुशवाहा अपने बेटे दीपक प्रकाश के लिए एमएलसी सीट की मांग कर रहे हैं.

दिलीप जायसवाल का दावा- समझौता हुआ था

उपेंद्र कुशवाहा के इस दावे पर अब बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल का बड़ा बयान आया है. दिलीप जायसवाल ने इस पूरे विवाद को लेकर कहा कि वो पत्र सिर्फ विधानसभा चुनाव में सीटों के तालमेल और बंटवारे के लिए दिया गया था.

दिलीप जायसवाल ने आगे तर्क दिया कि उसी पत्र और समझौते के आधार पर सीटों का बंटवारा पूरा हुआ था. उन्होंने ये भी याद दिलाया कि इसके बाद समझौते के तहत ही उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजा गया था.

'आलाकमान की बातचीत की मुझे जानकारी नहीं'

Advertisement

बीजेपी नेता ने इस मामले से खुद को अलग करते हुए कहा कि बाद में वो प्रदेश अध्यक्ष के पद से हट गए थे. दिलीप जायसवाल ने कहा, 'मेरे पद छोड़ने के बाद उपेंद्र कुशवाहा की बीजेपी के केंद्रीय आलाकमान से क्या बातचीत हुई, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है.' 

यह भी पढ़ें: 'एक पद के लिए पार्टी समाप्त हो जाए, मुझे मंजूर नहीं', उपेंद्र कुशवाहा का RLM नेताओं को क्लियर मैसेज

दिलीप जायसवाल के इस बयान के बाद ये साफ हो गया है कि एमएलसी सीट को लेकर एनडीए के इन दो प्रमुख सहयोगियों के बीच फिलहाल मतभेद गहरे हैं. अब देखना होगा कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व इस पर क्या फैसला लेता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »