मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार की हुई मुलाकात, बिहार में जल्द होगा कैबिनेट विस्तार!

बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पूर्व सीएम नी​तीश कुमार और अन्य नेताओं से लगातार मुलाकातें इस ओर इशारा कर रही हैं कि जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है.

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 बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर उनसे मुलाकात की. (Photo: ITG) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर उनसे मुलाकात की. (Photo: ITG)

रोहित कुमार सिंह / शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 02 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:15 PM IST

बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार राजनीतिक बैठकें और मुलाकातें कर रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को वह जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अशोक चौधरी के आवास पर पहुंचे, जहां पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे. तीनों नेताओं की इस मुलाकात ने कैबिनेट विस्तार की अटकलों को और तेज कर दिया है.

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सम्राट चौधरी और जेडीयू के दोनों नेताओं के बीच मौजूदा राजनीतिक हालात और संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा हुई. इस दौरान बिहार के डिप्टी सीएम और जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे. यह मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि राज्य में नई सरकार बनने के बाद से कैबिनेट का पूर्ण विस्तार अभी तक नहीं हो पाया है.

अशोक चौधरी के आवास पर नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक अणे मार्ग स्थित सीएम आवास पहुंचे और वहां का निरीक्षण किया. बता दें कि नीतीश कुमार ने हाल ही में यह सरकारी आवास खाली किया है, जिसके बाद अब नए मुख्यमंत्री ने वहां का जायजा लिया. 

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री जल्द ही दिल्ली का दौरा कर सकते हैं. माना जा रहा है कि इस दौरान उनकी मुलाकात बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से होगी, जिसमें मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लग सकती है. हाल ही में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बीच दिल्ली में हुई मुलाकात को भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फिलहाल बिहार की सम्राट सरकार में मुख्यमंत्री के अलावा केवल दो डिप्टी सीएम शामिल हैं. 

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पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के कारण यह प्रक्रिया टल गई थी, क्योंकि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व और बिहार के कई नेता और विधायक इन राज्यों में चुनाव प्रचार में व्यस्त थे. अब चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने और नेताओं की वापसी के बाद कैबिनेट विस्तार का रास्ता साफ हो गया है. कैबिनेट विस्तार के जरिए न केवल सरकार को मजबूती देने की कोशिश होगी, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है.

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