बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर पर आठ क्रिमिनल केस, किसी में नहीं हुए दोषी साबित

बांकीपुर उपचुनाव के लिए जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने चुनावी हलफनामे में आठ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी दी है. पार्टी के अनुसार, इनमें किसी भी मामले में अभी आरोप तय नहीं हुए हैं और न ही प्रशांत किशोर किसी केस में दोषी साबित हुए हैं. जन सुराज का कहना है कि ये मामले जनहित के शांतिपूर्ण आंदोलनों से जुड़े हैं. पार्टी ने उनके नेतृत्व, संगठनात्मक अनुभव और जनसमर्थन को उम्मीदवार बनाए जाने की मुख्य वजह बताया.

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किसी भी मामले में प्रशांत किशोर दोषी साबित नहीं हुए हैं. File Photo ITG किसी भी मामले में प्रशांत किशोर दोषी साबित नहीं हुए हैं. File Photo ITG

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:25 PM IST

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने चुनावी हलफनामे में बताया है कि उनके खिलाफ आठ आपराधिक मामले लंबित हैं. निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत पार्टी ने उम्मीदवार के खिलाफ दर्ज मामलों और उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने की वजह सार्वजनिक की है.

जन सुराज की ओर से जारी फॉर्म C-7 के अनुसार, ये मामले गांधी मैदान, सचिवालय, पीरबहोर और सहरसा सदर थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं. इसके अलावा पटना, बेतिया और मुजफ्फरपुर की अदालतों में तीन शिकायत मामले भी लंबित हैं.

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किसी भी मामले में नहीं हुए दोषी साबित
हलफनामे में स्पष्ट किया गया है कि इन आठों मामलों में अभी तक किसी अदालत ने आरोप तय (Charges Framed) नहीं किए हैं. साथ ही प्रशांत किशोर किसी भी मामले में दोषी करार नहीं दिए गए हैं.

पार्टी ने प्रशांत किशोर को क्यों चुना उम्मीदवार 
पार्टी ने उम्मीदवार चुने जाने की वजह बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामले जनहित के मुद्दों पर किए गए शांतिपूर्ण आंदोलनों से जुड़े हैं, न कि किसी नैतिक अपराध से. जन सुराज ने यह भी कहा कि प्रशांत किशोर को उनके नेतृत्व, संगठनात्मक अनुभव और बिहार पदयात्रा के दौरान मिले जनसमर्थन को देखते हुए उम्मीदवार बनाया गया है. पार्टी का दावा है कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों की भी इच्छा थी कि प्रशांत किशोर इस सीट से चुनाव लड़ें.

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निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक, जिन उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित होते हैं, उनके बारे में राजनीतिक दलों को सार्वजनिक रूप से जानकारी देना और उम्मीदवार बनाए जाने का कारण बताना अनिवार्य होता है.

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