ट्रैफिक नियम तोड़ा तो आएगी शामत, सरेआम स्क्रीन पर दिखेगा कच्चा चिट्ठा

जयपुर में हाईटेक ट्रैफिक सिस्टम इंस्टॉल किया गया है. ये राजस्थान में पहली बार हो रहा है, जब इस तरह का सिस्टम लगाया गया है. इस सिस्टम की वजह से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं है. उनके चालान से लेकर दूसरी लापरवाहियों को चौराहे पर लगी स्क्रीन पर दिखाया जाएगा. आइए जानते हैं इस सिस्टम की खास बातें.

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रियल टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम गुजरने वाली गाड़ियों की जानकारी स्क्रीन पर दिखाएगा. (Photo: ITG) रियल टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम गुजरने वाली गाड़ियों की जानकारी स्क्रीन पर दिखाएगा. (Photo: ITG)

रिदम जैन

  • जयपुर,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:43 PM IST

जयपुर की सड़कों पर अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा. राजस्थान में पहली बार ऐसा हाईटेक ट्रैफिक सिस्टम शुरू किया गया है, जो चौराहे पर पहुंचते ही वाहन की पूरी जानकारी सार्वजनिक स्क्रीन पर दिखा देगा. लंबित चालान हो, बीमा खत्म हो चुका हो या प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) की अवधि समाप्त हो गई हो, सारी जानकारी कुछ ही सेकंड में बड़े LED स्क्रीन पर नजर आने लगेगी.

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जयपुर ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने शहर में रियल-टाइम ट्रैफिक अवेयरनेस स्क्रीन की शुरुआत की है. इस टेक्नोलॉजी बेस्ड सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल रामबाग सर्किल पर शुरू किया गया है, जबकि इसे जेएलएन मार्ग और टोंक रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर भी लागू किया जा रहा है.

कैसे काम करेगा पूरा सिस्टम?

इस सिस्टम में लगाए गए ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं और राष्ट्रीय परिवहन डेटाबेस से उसका मिलान करते हैं. कैमरे द्वारा वाहन की पहचान होने के बाद महज 12 सेकंड के अंदर अगर वाहन पर कोई बकाया चालान है तो उसका रजिस्ट्रेशन नंबर चौराहे पर लगी LED स्क्रीन पर डिस्प्ले हो जाता है.

इतना ही नहीं, सिस्टम यह भी जांचता है कि वाहन का बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र और फिटनेस सर्टिफिकेट वैध है या नहीं. कोई दस्तावेज गायब या एक्सपायर मिलता है, तो वाहन को तुरंत चिन्हित कर लिया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया की खास बात यह है कि सिस्टम केवल स्क्रीन पर जानकारी दिखाने तक सीमित नहीं है.

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जैसे ही किसी वाहन में गड़बड़ी सामने आती है, इसकी सूचना अगले चेक पॉइंट पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी भेज दी जाती है. इसके बाद वाहन को रोककर चालक को लंबित चालान या दस्तावेजों की कमी के बारे में बताया जाता है और मौके पर ही चालान जमा कराने के लिए प्रेरित किया जाता है.

स्पेशल कंट्रोल रूम भी बनाया गया है

पुलिस ने चेतावनी दी है कि लगातार बकाया चालान रखने वाले वाहनों को भविष्य में जब्त भी किया जा सकता है. दिलचस्प बात यह है कि जिन वाहनों पर कोई चालान बकाया नहीं होता, उन्हें भी ट्रैफिक पुलिस धन्यवाद देकर जिम्मेदार नागरिक होने का संदेश दे रही है. इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए अजमेरी गेट के पास एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है.

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तकनीक और ट्रैफिक प्रबंधन के इस अनोखे संगम से जयपुर अब स्मार्ट ट्रैफिक निगरानी की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा चुका है. आने वाले समय में यह व्यवस्था सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन को नई मजबूती दे सकती है.

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