हस्तिनापुर, सारनाथ, धोलावीरा... महाभारत और बौद्धकालीन टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, बजट में ऐलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट-2026 में 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों को पर्यटन के लिए विकसित करने की योजना का ऐलान किया है. इन स्थलों में राखीगढ़ी, लोथल, सारनाथ, हस्तिनापुर, धोलावीरा जैसे ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं.

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बजट में 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित करने का ऐलान किया गया है बजट में 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित करने का ऐलान किया गया है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:15 PM IST

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट-2026 पेश करते हुए कई अहम ऐलान किया. इसी बीच उन्होंने हेरिटेज और कल्चर को बढ़ावा देने के लिए 14 आर्कियोलॉजिकल साइट्स को टूरिज्म के तौर पर डिवेलप करने की बात की. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नाम लेकर 15 पुरातात्विक स्थलों का जिक्र किया.

इन जगहों को ऐतिहासिक तौर पर जाना जाता है, लेकिन इनके महत्व और इनके सांस्कृतिक योगदान की जानकारी लोगों को नहीं है. इस तरह अलग-अलग समय पर खुदाई के जरिए जमीन के भीतर से निकली सभ्यता और संस्कृति की पहचान वाले ये प्राचीन स्थल नए तरह के टूरिज्म के रूप में सामने आएंगे. ये सिर्फ मनोरंजन या घूमने-फिरने की जगह नहीं होगी, बल्कि जानकारी से भरपूर नए तरीके का अनुभव होगा. 

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वित्तमंत्री ने अपने भाषण में राखीगढ़ी, लोथल, सारनाथ, हस्तिनापुर, धोलावीरा जैसे स्थलों का जिक्र किया. यहां अलग-अलग समय पर कई बार खुदाई हो चुकी हैं. सरकार का लक्ष्य इन साइट्स को सिर्फ देखने की जगह नहीं, बल्कि वाइब्रेंट एक्सपीरिएंशियल कल्चरल डेस्टिनेशन बनाना है. इससे इन क्षेत्रों में टूरिज्म, स्थानीय रोजगार और अंतरराष्ट्रीय पहचान को नई मजबूती मिलेगी.

बौद्ध सर्किट से वैश्विक पहचान
अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास की योजना भारत को ग्लोबल स्पिरिचुअल टूरिज्म हब बना सकती है. इन पहलों से साफ है कि मोदी सरकार की रणनीति विरासत को बोझ नहीं, बल्कि भविष्य की ताकत बनाने की है. देश की ये 15 आर्किटेक्चर साइट्स अब सिर्फ अतीत की कहानी नहीं, बल्कि विकसित भारत की नई पहचान बनने जा रही हैं.

इस पहल से स्थानीय रोजगार पैदा होने, विरासत संरक्षण को मजबूत करने और प्राचीन स्थलों को स्मारकों के बजाय जीवंत कथाओं के रूप में सामने लाने की भी उम्मीद है. वित्त मंत्री ने आंध्र प्रदेश, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध परिपथ विकसित करने की पहल की भी घोषणा की, जिसमें इन क्षेत्रों में बौद्ध परंपराओं से जुड़े विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. बजट में पर्यटन एक प्रमुख विजेता क्षेत्र के रूप में उभरा है. केंद्रीय बजट ने रोजगार और विकास रणनीति के केंद्र में पर्यटन को रखा है, और रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा आय और स्थानीय आर्थिक विकास में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला है.

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