पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच तिआनजिन में मीटिंग हुई. इस बैठक में दोनों देशों के बीच संबंधों और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर चर्चा हुई. सीमा पर तनाव अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. भारत अपनी विदेश नीति को 'जरूरत-आधारित गठबंधन' के रूप में देखता है, जिसमें कोई स्थायी दुश्मन या दोस्त नहीं होते.