प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 अगस्त को युद्धग्रस्त यूक्रेन के दौरे पर जाने वाले हैं. यूक्रेन के इतिहास में यह पहली बार है जब भारत का कोई प्रधानमंत्री यूक्रेन जा रहा है. और वो भी युद्ध के बीच में. रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से युद्ध जारी है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के न्योते पर कीव जाने वाले हैं. पीएम मोदी का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण होने वाला है.
यूक्रेन में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये दौरान उनके लिए भी महत्वपूर्ण है. साथ ही उम्मीद जता रहे हैं कि रूस से चल रहे युद्ध को विराम देने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है. इस क्रम में आजतक ने यूक्रेन की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मृदुला घोष, रेस्टोरेंट संचालक कुलदीप कुमार, डॉक्टर आलोक बंसल, फार्मा कंपनी से जुड़े रवि सिंगला, एग्रो इंडस्ट्री से जुड़े अमित मिश्रा और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से जुड़े राम डांगे से बातचीत की.
'हम लोग बहुत खुश हैं'
इस दौरान प्रोफेसर मृदुला घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा से यूक्रेन के लोग और हम सभी चाहते हैं कि हमारे संपर्क में एक नया अध्याय आ जाए. क्योंकि ये पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री यूक्रेन आ रहा है. 33 साल हो गए हैं यूक्रेन को स्वाधीन राष्ट्र घोषित हुए लेकिन कभी हमारे प्रधानमंत्री यहां नहीं आए. इसलिए हम लोग बहुत खुश हैं. इसलिए हमें ये उम्मीद है कि हमारे संपर्क संबंध होंगे. साथ ही यह भी उम्मीद है कि युद्ध विराम में यह यात्रा अहम भूमिका निभाएगी. और इस युद्ध का कोई न कोई हल निकलेगा.
वहीं कुलदीप कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद परिणाम ये होगा कि इससे युद्ध विराम होगा. यूक्रेन के लोगों को भी यही लगता है. आने वाले वक्त में मोदी जी इतिहास लिखेंगे. कई लोगों ने कोशिश की. और भारत इस ओर अहम कदम उठाएगा. हमें बहुत उम्मीदे हैं.
'मोदी जी ही ये युद्ध रुकवा सकते हैं'
डॉक्टर आलोक बंसल ने कहा कि हम लोग पिछले ढाई साल से मोदी जी के आने के इंतजार कर रहे हैं. हमें ये पता था कि जब तक मोदी जी यहां नहीं आएंगे, ये युद्ध नहीं रुकेगा. वही इस युद्ध को रोक सकते हैं. उनकी जो दुनिया में इज्जत है, मेरे ख्याल से कोई ही दुनिया का कोई ऐसा नेता होगा, जो मोदी जी जितना प्रसिद्ध है. तो हमें पूरी उम्मीद है कि जब मोदी जी आ रहे हैं तो वैसे नहीं आ रहे हैं, वो कोई संदेश लेकर आएंगे. जिससे हम और तमाम परिवार चैन की नींद सो पाएंगे.
रवि सिंगला ने कहा कि यहां बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं जहां भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. दवाइयों की यहां कई जगह जरूरत है. ऐसे में यूक्रेन औऱ भारत मिलकर फार्मा इंडस्ट्री में बहुत बड़ा काम कर सकते हैं.
एग्रो इंडस्ट्री से जुड़े अमित मिश्रा ने कहा कि यूक्रेन और रूस को ऐसे आदमी की जरूरत थी जो बीच में आकर समझौता कराए. दोनों की बात एक दूसरे तक पहुंचाए. नरेंद्र मोदी जी के आने के बाद कहीं ना कहीं समझौता होगा और कोई ना कोई संदेश निकलेगा. पीएम मोदी युद्ध रुकवाएंगे. हमें शांति बहाली की उम्मीद है.
'यूक्रेन में शांति बहाली होगी'
फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से जुड़े राम डांगे ने कहा कि ये ऐतिहासिक दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब यूक्रेन का दुश्मन उसे एक स्वतंत्र देश के रूम में नहीं देखना चाहता है. मोदी जी के दौरे के अगले ही दिन यूक्रेन का स्वतंत्रता दिवस भी है. ऐसे में ये दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है. सभी लोगों को उम्मीद है कि इसके बाद यूक्रेन में शांति बहाली होगी. सभी भारतीयों में यहां उत्साह है मोदी जी के दौरे को लेकर.