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हथियार बेचने के लिए क्रिप्टोकरेंसी में डील! ईरान के प्लान ने खड़े किए अमेरिका-यूरोप के कान

अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से घिरे ईरान ने अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए व्यापार का नया तरीका अपनाया है. ईरान के रक्षा मंत्रालय ने अपने साथ डिफेंस डील करने वाले देशों के लिए क्रिप्टोकरेंसी में पेमेंट की सुविधा देने की पेशकश की है.

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ईरान ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को निष्क्रिय करने के लिए क्रिप्टो करेंसी में पेमेंट स्वीकार करने की पेशकश की. (Photo: AP)
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को निष्क्रिय करने के लिए क्रिप्टो करेंसी में पेमेंट स्वीकार करने की पेशकश की. (Photo: AP)

अमेरिका और यूरोपीय देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक और व्यापार प्रतिबंधों से जूझ रहा ईरान अब विदेशी हथियार सौदों में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पेमेंट स्वीकार करने की संभावना तलाश रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स की 1 जनवरी, 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी रक्षा मंत्रालय के एक्सपोर्ट सेंटर 'मिंडेक्स' (Mindex) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट किया है कि वह एडवांस वेपन सिस्टम्स (उन्नत हथियार प्रणाली) की डील में 'डिजिटल करेंसी' (क्रिप्टोकरेंसी) के साथ-साथ बार्टर (एक चीज के बदले दूसरी चीज लेना) या ईरानी रियाल में पेमेंट की सुविधा देने के लिए तैयार है.

यह कदम ईरान को डॉलर के प्रभाव वाले ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम से दूरी बनाने और अपने ऊपर लगे आर्थिक व व्यापारिक प्रतिबंधों के असर को कम करने में मदद कर सकता है. मिंडेक्स के एक्सपोर्ट लिस्ट में एमाद बैलिस्टिक मिसाइलें, शाहेद ड्रोन, शहीद सुलेमानी-क्लास युद्धपोत और शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं. ईरानी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि  हमें अमेरिका और ​पश्चिमी देशों के आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों से निपटने का दशकों पुराना अनुभव है. अगर कोई देश नई शर्तों पर हमारे साथ डिफेंस डील करता है, तो समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करना हमारे लिए मुश्किल नहीं होगा.

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ईरानी रक्षा मंत्रालय ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है. डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है और देश में महंगाई दर 42.5% है, जिससे जनता में इस्लामिक शासन के खिलाफ गुस्सा है और लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग ईरान को BRICS देशों और अन्य सहयोगियों के साथ व्यापार आसान बनाने में सहायक हो सकता है. 

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ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने हाल ही में ब्लॉकचेन कॉन्फ्रेंस में कहा था कि 'डिजिटल करेंसी' स्वतंत्र राष्ट्रों के लिए व्यापार की नई राहें खोल सकती है. जियो-पॉलिटिक्स के जानकारों का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल ईरान की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह डॉलर पर निर्भरता कम करना चाहता है. वैश्विक बैंकिंग प्रणाली में डॉलर की केंद्रीय भूमिका के कारण ही अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिबंध सबसे प्रभावी माने जाते हैं. डिजिटल करेंसी के जरिए होने वाले ट्रांजैक्शन को ट्रैक और ब्लॉक करना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है. 

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यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है, जब ईरान के हथियार कार्यक्रमों, मिसाइल तकनीक और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ी हुई है. पश्चिमी देशों का आरोप है कि ईरान अपने सहयोगी गुटों को हथियारों की आपूर्ति कर मध्य पूर्व में अस्थिरता को बढ़ावा दे रहा है. ऐसे में क्रिप्टो भुगतान के जरिए हथियार सौदों की संभावित पेशकश को अमेरिकी और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के लिए एक नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.

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