भेदिया कारोबार मामले में गोल्डमैन सैक्स के पूर्व निदेशक रजत गुप्ता को एक अमेरिकी अदालत ने दो साल की जेल की सजा और 50 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी किया है. गुप्ता कंपनी की गोपनीय सूचनाएं हेज फंड के संस्थापक राज राजारत्नम को देने के दोषी पाए गए हैं.
यूएस में भेदिया कारोबार का सबसे बड़ा मामला
गुप्ता को इस साल जून में कंपनी के बोर्ड रूम की गोपनीय बातों को ‘हेज फंड’ प्रबंधक राजरत्नम को लीक करने के आरोप में दोषी करार दिया गया था. यह अमेरिका में भेदिया करोबार का अब तक का सबसे बड़ा मामला है.
अमेरिकी जिला अदालत के न्यायाधीश जेड रेकॉफ ने गुप्ता को दो साल जेल की सजा के अलावा जुर्माने के तौर पर 50 लाख अमेरिकी डॉलर देने का भी आदेश सुनाया.
प्रतिष्ठा को गहरा आघात लगा
एक बयान को पढ़ते हुए गुप्ता ने कहा, 'किशोरावस्था में अपने माता-पिता को खोने के बाद से पिछले 18 महीने का समय मेरी जिंदगी का सबसे चुनौती भरा समय रहा है.' उन्होंने कहा, 'इस मामले का मेरे परिवार, मेरे दोस्त और मुझे प्यारी संस्थाओं के ऊपर जो असर होगा उसका मुझे बेहद अफसोस है. मैंने अपनी पूरी जिंदगी में जो प्रतिष्ठा अर्जित की वह खो चुका हूं.'
मैनहट्टन की एक अदालत ने गत 15 जून को तीन हफ्ते की सुनवाई के बाद गुप्ता को छह में से चार आरोपों में दोषी करार दिया था. गुप्ता पर राजरत्नम को बोर्ड रूम की गोपनीय जानकारियां उस वक्त लीक करने का आरोप था जब वैश्विक वित्तीय संकट अपने चरम पर था. अरबपति राजरत्नम फिलहाल जेल में हैं.
अफ्रीकी देशों में सेवा करना चाहते हैं रजत गुप्ता
हालांकि, गुप्ता ने सजा माफ करने की यह कहते हुए अपील की थी कि वह अपना बाकी जीवन अफ्रीकी देशों में गरीब और बेरोजगार लोगों की सेवा में बिताना चाहेंगे.
पिछले सप्ताह दायर एक ज्ञापन में गुप्ता के वकील गैरी नैफ्टालिस ने अपने मुवक्किल को यह कहते हुए माफ किए जाने की गुजारिश की थी कि गुप्ता रवांडा में जीवन बिताने और स्थानीय सरकार के साथ मिलकर स्वास्थ्य एवं कृषि क्षेत्र में काम करने के इच्छुक हैं.