वॉल स्ट्रीट में सबसे सफल भारतीय अमेरिकियों में से एक रजत गुप्ता को अमेरिका के सबसे बड़े भेदिया कारोबारी मामले में गैलियन हेज फंड के संस्थापक राज राजारत्नम को गोपनीय सूचना पहुंचाने का शुक्रवार को दोषी करार दिया गया.
तीन सप्ताह तक चली सुनवाई के बाद अमेरिका की एक अदालत ने गोल्डमैन साक्स के पूर्व निदेशक 63 वर्षीय गुप्ता को अपने पूर्व मित्र राजारत्नम को गोपनीय सूचना उपलब्ध कराने का दोषी पाया गया. राजारत्नम को पहले ही भेदिया कारोबार का दोषी करार दिया जा चुका है और वह 11 वर्ष की कारावास की सजा काट रहे हैं.
मैनहटन में एक अदालत में गुप्ता पर छह में से चार आरोप सही पाए गए. अदालत 18 अक्तूबर को गुप्ता को सजा सुनाएगी.
ज्यूरी के एक सदस्य ने मीडिया से कहा कि यह उनके लिये कठिन फैसला है लेकिन उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं.
अभियोजकों ने गुप्ता पर आरोप लगाया था कि उन्होंने गोल्डमैन साक्स के बोर्ड में रहते हुए और मैकिंजे एंड कंपनी का नेतृत्व करते हुए हेज फंड मैनेजर राजारत्नम को गोपनीय सूचना उपलब्ध कराई. गुप्ता के खिलाफ 21 मई को मुकदमा शुरू हुआ जो तीन सप्ताह तक चला.
प्रतिभूति संबंधी धोखाधड़ी के लिए अधिकतम 20 साल की कारावास की सजा का प्रावधान है, जबकि षडयंत्र रचने के लिए अधिकतम पांच साल की कारावास की सजा का प्रावधान है. सजा सुनाए जाने तक गुप्ता जमानत पर स्वतंत्र रहेंगे.
गुप्ता को प्रतिभूति धोखाधड़ी के तीन आरोपों और गोल्डमैन व प्राक्टर एंड गैंबल के बोर्ड की गोपनीय सूचना बाहर करने के लिए षडयंत्र के एक आरोप में दोषी पाया गया है. हेज फंड को सूचना पहुंचाकर उन्होंने लाखों डालर की कमाई की. गुप्ता को वारेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे द्वारा 5 अरब डालर के निवेश की सूचना बाहर करने और 24 अक्तूबर, 2008 को गोल्डमैन के शेयर के बारे में सूचना देने का दोषी पाया गया.
जूरी ने जब गुप्ता के खिलाफ फैसला सुनाया तो अदालत में मौजूद उनकी पत्नी और चार बेटियां रो पड़ीं. जूरी के अदालत का कमरा छोड़ने के साथ गुप्ता ने अपने परिजनों को गले लगाया.