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संभल में सरकारी जमीन पर जीरो टॉलरेंस, गौसुल बड़ा मस्जिद पर चला बुलडोजर

संभल के राया बुजुर्ग गांव में 552 वर्ग मीटर जमीन पर बनी गौसुल बड़ा मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है. कार्रवाई के दौरान एडिशनल एसपी, एसडीएम, तहसीलदार समेत 31 राजस्व अधिकारी और 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहे. हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है. वहीं, सुरक्षा को लेकर पूरे गांव को छावनी में तब्दील किया गया है.

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सलेमपुर सलार के बाद राया बुजुर्ग में कार्रवाई.(Photo: Screengrab)
सलेमपुर सलार के बाद राया बुजुर्ग में कार्रवाई.(Photo: Screengrab)

संभल जिले के राया बुजुर्ग गांव में 552 वर्ग मीटर जमीन पर बनी गौसुल बड़ा मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई. प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम तैनात रही. इस दौरान पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो.

इस कार्रवाई की निगरानी जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं. मौके पर एडिशनल एसपी कुलदीप सिंह, सीओ असमोली कुलदीप सिंह, एसडीएम रामानुज, तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार समेत 31 राजस्व अधिकारी मौजूद हैं. इसके साथ ही करीब 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को गांव में तैनात किया गया है.

यह भी पढ़ें: आधी रात को खुद ही हथौड़े से तोड़ डाली अवैध मस्जिद... संभल में बुलडोजर एक्शन से पहले मुस्लिम समुदाय ने उठाया बड़ा कदम

पहले सलेमपुर सलार, फिर राया बुजुर्ग में कार्रवाई

दरअसल, इससे पहले सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर गांव में बुलडोजर कार्रवाई की गई थी. इसके बाद प्रशासन ने राया बुजुर्ग गांव में बनी गौसुल बड़ा मस्जिद पर कार्रवाई शुरू की. यह वही मस्जिद है, जिसे लेकर अक्टूबर महीने में प्रशासन ने अवैध निर्माण के रूप में चिन्हित किया था.

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इस मस्जिद का मामला हाई कोर्ट तक भी पहुंचा था, लेकिन मस्जिद कमेटी को वहां से कोई राहत नहीं मिली. इसके बाद प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए अब मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की है.

तहसीलदार के नेतृत्व में ध्वस्तीकरण

तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने मौके पर बताया कि यहां यह देखना महत्वपूर्ण नहीं है कि संरचना क्या है, बल्कि यह अहम है कि ग्राम समाज की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है.

तहसीलदार ने कहा कि सरकार की नीति साफ है कि सरकारी या ग्राम समाज की जमीन पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे पर जीरो टॉलरेंस अपनाई जाएगी. इसी नीति के तहत यह कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि यह मस्जिद करीब साढ़े पांच सौ वर्ग मीटर जमीन पर बनाई गई थी.

संभल

नोटिस और हाई कोर्ट याचिका का जिक्र

प्रशासन की ओर से पहले इस संबंध में नोटिस भी दिए गए थे. इसके बाद मस्जिद कमेटी ने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, लेकिन याचिका खारिज हो जाने के बाद अब प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की जा रही है.

तहसीलदार ने यह भी कहा कि अगर इसी जमीन पर अस्पताल या स्कूल बनाया जाता, तो वह समाज के लिए ज्यादा उपयोगी होता. लेकिन चूंकि जमीन पर अवैध कब्जा था, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी.

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सुरक्षा के कड़े इंतजाम

आज सुबह सलेमपुर सलार में पहले मदीना मस्जिद पर कार्रवाई होनी थी, लेकिन मस्जिद कमेटी के लोगों ने खुद ही उसे गिरा दिया. इसके बाद प्रशासन का बुलडोजर सलेमपुर सलार गांव में 1 हजार 339 वर्ग मीटर जमीन पर बने मदरसे पर चला.

इसके कुछ ही देर बाद करीब 10 किलोमीटर दूर राया बुजुर्ग गांव में 552 वर्ग मीटर जमीन पर बनी गौसुल बड़ा मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई. पूरे इलाके में पांच थाना प्रभारी, 60 कांस्टेबल और 20 महिला कांस्टेबल तैनात किए गए हैं. वहीं, डीएम और एसपी पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

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