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मां बनने में बहन को हो रही थी प्रॉब्लम, फिर ट्रांसजेंडर भाई ने ऐसे की मदद

एक शख्स ने अपनी ही बहन को गर्भवती करने में मदद की. यह सुनकर काफी अजीब लग सकता है, लेकिन यही सच है. वह शख्स पहले खुद एक लड़की था. जटिल हार्मोन थैरेपी के बाद वह अब लड़का बन पाया है, लेकिन इन सबके बीच उसने अपनी बहन की मां बनने में मदद की. जानते हैं क्या है ये पूरी कहानी.

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ट्रांसजेंडर शख्स ने अपनी बहन को प्रेग्नेंट होने में ऐसे मदद की (Photo - Pexels)
ट्रांसजेंडर शख्स ने अपनी बहन को प्रेग्नेंट होने में ऐसे मदद की (Photo - Pexels)

एक ट्रांसजेंडर इन्फ्लुएंसर ने स्वीकार किया कि उसने अपनी बहन को मां बनने में मदद की. उसकी बहन कभी प्रेग्नेंट नहीं हो सकती थी. फिर ट्रांसजेंडर भाई ने कुछ ऐसा किया कि बहन बन सकी. हालांकि, पूरी  प्रक्रिया काफी जटिल और असुविधाजनक थी.

ट्रांसजेंडर इन्फ्लुएंसर केनी एथन जोन्स ने डेली स्टार को दिए एक विशेष इंटरव्यू में अपनी आपबीती साझा की. उन्होंने तब अपनी बहन की मदद की, जब वह ऐसी समस्या से जूझ रही थी, जिसमें वो मां नहीं बन सकती थी. उन्होंने अपनी बहन को गर्भधारण करने में मदद करने के लिए अपने एग्स दान करने की पेशकश की. 

जन्म के वक्त लड़की था भाई
केनी का जन्म एक लड़की के रूप में हुआ था. शारीरिक तौर पर कई परेशानियां होने और भावनात्म रूप से खुद को पुरुष मानने वाले केनी ने एक पुरुष बनने की चाहत पाल रखी थी. इसके लिए उसने काफी सालों से हार्मोन थेरेपी शुरू कर दी थी, लेकिन बहन की मदद के लिए उसे ये सब रोकना पड़ा. उसके पुरुष बनने की प्रक्रिया कुछ समय के लिए बाधित हो गई. क्योंकि उसे अपनी बहन को अपने एग्स दान करने थे.

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प्रेग्नेंसी संबंधी समस्याओं का सामना करने वाले और ट्रांसजेंडर लोगों को लगता है कि उनका शरीर उनकी उम्मीदों और उनकी आईडेंटिटी से मेल नहीं आखाता है. ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए यह जेंडर डिस्फोरिया के रूप में सामने आ सकता है. जब जन्म के समय निर्धारित जेंडर उनकी लैंगिक पहचान से मेल नहीं खाता.

वहीं जिन लोगों को प्रजनन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, उनके लिए यह निराशा या यहां तक ​​कि अपराधबोध की भावनाओं को जन्म दे सकता है. ऐसे में  एक ट्रांसजेंडर पुरुष होने के नाते, केनी ने अपनी बहन को प्रेग्नेंट होने में मदद करने का मतलब था केनी को अपनी हार्मोन थेरेपी रोकनी पड़ी.

किसी भी ट्रांसजेंडर के लिए हार्मोन थेरेपी एक लंबी और जटिल चिकित्सा प्रक्रिया होती है. इसे रोकना यानी फिर से जेंडर डिस्फोरिया के संभावित कारणों का सामना करना. केनी ने बताया कि एस्ट्रोजन मेरा मुख्य हार्मोन था, जबकि मैं उस समय 10-11 साल से टेस्टोस्टेरोन ले रहा था. ऐसे में फिर से पहले वाली  स्थिति में वापस जाना मेरे लिए सहज नहीं था.

जेंडर डिस्फोरिया को ट्रिगर होने का था डर
केनी ने बताया कि मुझे डर था कि पीरियड्स के दौरान होने वाली समस्याओं और अपने शरीर और उन अंगों के प्रति अत्यधिक जागरूकता के कारण, जिन्हें मैंने लंबे समय से नजरअंदाज करने की कोशिश की थी, कहीं डिस्फोरिया फिर से न उभर आए. इसलिए, मैं इस बात को लेकर चिंतित थी कि यह सफर मेरे मानसिक स्वास्थ्य पर किस तरह असर डालेगा.

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केनी  टेस्टोस्टेरोन थेरेपी को अस्थायी रूप से रोककर और अपने एग्स निकालने की प्रक्रिया से गुजरा. फिर अपने अंडे दान किए. इसमें कुछ हफ्तों तक रोजाना कई दवाएं और हार्मोन के इंजेक्शन लेने पड़े. उन्होंने याद करते हुए कहा कि जब हमने प्रोसीजर के बारे में डॉक्टरों से बात की, तो उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति के आधार पर केयर प्लान बनाई, और इसलिए, उन्होंने मुझे एक एस्ट्रोजन सप्रेसेंट दवा दी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इससे मुझे जेंडर डिस्फोरिया होने की संभावना कम हो जाए, क्योंकि यह इस प्रक्रिया के दौरान मेरे एस्ट्रोजन के स्तर को कम रखेगी.

उन्होंने आगे कहा कि यह एक बहुत ही गहन प्रक्रिया थी, मुझे खुशी है कि मैंने इसके बारे में पहले से ज्यादा रिसर्च नहीं किया. क्योंकि मुझे लगता है कि इससे मेरा हौसला थोड़ा कम हो सकता था. मुझे लगता है कि यह आपकी सोच से कहीं ज्यादा गहन है.

चार साल से प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रही थी बहन
केनी की बहन चार साल से प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसका हर बार गर्भपात हो जाता था. इससे वह भावनात्मक रूप से बहुत परेशान हो गई. इसके बाद उसने बच्चा गोद लेने या फिर किसी से एग्स डोनेट करने के विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया. इन विकल्पों पर चर्चा करते समय, केनी ने अचानक ही अपने एग्स  दान करने की पेशकश की, हालांकि शुरुआत में यह सिर्फ एक अनौपचारिक सुझाव था.

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कुछ महीनों बाद, उसकी बहन ने पूछा कि क्या वह सच में इस बारे गंभीर है. फिर दोनों ने मिलकर यह पता लगाने की कोशिश शुरू की, कि क्या यह संभव है. उन्होंने केनी की प्रजनन क्षमता की जांच कराने और यह देखने के लिए डॉक्टर से परामर्श करने का फैसला किया कि क्या वह उनकी मदद कर सकता है, और यहीं से उनके एक साथ नए जीवन की शुरुआत हुई.

केनी ने स्वीकार किया कि यह अविश्वसनीय था क्योंकि बहुत उम्मीदें थीं, क्योंकि मेरी बहन को लगा था कि उसे शायद कोई समाधान मिल गया है. इन्फ्लुएंसर ने बताया कि हार्मोन थेरेपी की वजह से मैंने टेस्टोस्टेरोन का कई वर्षों तक सेवन किया था. ऐसे मुझे अपनी प्रजनन क्षमता के बारे में संदेह था. लेकिन, मैं अपनी बहन को निराश नहीं करना चाहता था. जांच के बाद यह जानकर उन्हें राहत और आश्चर्य हुआ कि उनकी प्रजनन क्षमता अभी भी अच्छी है और वह अपनी बहन को प्रेग्नेंट होने के लिए एग्स दे सकती हैं. 

एग्स कलेक्ट करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, केनी को हार्मोनल असंतुलन का सामना करना पड़ा, लेकिन इतनी चुनौतीपूर्ण यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करने पर उन्हें गर्व और राहत महसूस हुई. फर्टिलिटी क्लिनिक में, विशेषज्ञों ने 19 एग्स लिए,  जिनसे छह भ्रूण बने और केनी की बहन के गर्भवती होने की प्रबल संभावना बनी, हालांकि एक बार में केवल एक ही भ्रूण को ट्रांसफर  किया जाएगा.

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