सोशल मीडिया पर एक कर्मचारी की कहानी तेजी से वायरल हो रही है, जिसने भारतीय ऑफिस कल्चर पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस कर्मचारी का आरोप है कि बीमार छुट्टी लेने के लिए उसके बॉस ने उससे लाइव लोकेशन शेयर करने को कहा. वॉट्सअप चैट के स्क्रीनशॉट के साथ सामने आए इस मामले ने प्राइवेसी, भरोसे और मैनेजमेंट के रवैये को लेकर नई बहस छेड़ दी है. वायरल हो रहे पोस्ट के अनुसार, कर्मचारी के बॉस ने बीमार छुट्टी का अनुरोध करने वाले कर्मचारी से लाइव लोकेशन की मांग की. बॉस का कहना था कि यह कंपनी की एचआर पॉलिसी का हिस्सा है. इस घटना के बाद लोग वर्कप्लेस पर प्राइवेसी और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर सवाल उठा रहे हैं.

एचआर ने बीमारी का कोई सबूत मांगा
एक कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर अपने बॉस के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई है. कर्मचारी का कहना है कि बीमार होने पर छुट्टी लेने के लिए बॉस ने उससे उसकी लाइव लोकेशन मांग ली, जो उसे बिल्कुल गलत लगा. कर्मचारी ने बताया कि उसे तेज सिरदर्द था, इसलिए उसने छुट्टी ली. अगले दिन भी तबीयत ठीक न होने पर उसने फिर छुट्टी मांगी. बॉस ने उसे एचआर से बात करने को कहा. एचआर ने बीमारी का कोई सबूत मांगा.
जब कर्मचारी ने यह बात बॉस को बताई, तो बॉस ने उससे व्हाट्सएप पर लाइव लोकेशन शेयर करने को कह दिया. जब कर्मचारी ने पूछा कि लोकेशन क्यों चाहिए, तो बॉस ने कहा कि यह एचआर की पॉलिसी के तहत जरूरी है. कर्मचारी ने इसे अपनी प्राइवेसी में दखल बताया और पूछा कि क्या ऐसा करना सही है. इस मामले के सामने आने के बाद कई लोगों ने कहा कि बीमारी की छुट्टी के लिए लाइव लोकेशन मांगना गलत है और यह प्राइवेसी का उल्लंघन है.
सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल
जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, सोशल मीडिया यूजर्स ने कर्मचारी को सलाह दी कि वह अपने बॉस के साथ अपनी लोकेन शेयर न करे, और कहा कि यह प्राइवेसी का उल्लंघन है. 'सिरदर्द के लिए मान्य दस्तावेज क्या है? यह तो मेरे लिए ही एक पहेली है. अगर मैं बीमार महसूस करूं और देर तक सोने का फैसला करूं, तो क्या मुझे छुट्टी लेने के लिए अपनी तकलीफ की तस्वीरें भेजनी चाहिए?' एक यूजर ने पूछा, जबकि दूसरे ने कहा, 'बिल्कुल नहीं, अपनी लोकेशन शेयर न करें. उन्होंने आपको जॉब दी है, आपकी लोकेशन से उनका कोई लेना-देना नहीं है.'
जीपीएस लोकेशन बदलने के तरीके यूट्यूब से सीख लें
तीसरे यूजर ने साफ शब्दों में लिखा कि यह बॉस की पूरी तरह गलत हरकत है. उन्होंने कहा कि सीधे मना कर देना चाहिए और अपनी निजता का मुद्दा उठाना चाहिए. यूजर ने यह भी कहा कि व्हाट्सएप पर इस तरह की मांग करना दिखाता है कि यह शायद कोई छोटी कंपनी है, जहां बेवजह का दबाव और जरूरत से ज्यादा निगरानी रखी जाती है.
ऐसे रवैये से ही देश की कंपनियों की कार्य संस्कृति खराब होती है. वहीं चौथे यूजर ने सलाह दी कि बॉस से कहें कि अगर उन्हें लाइव लोकेशन चाहिए तो इसकी मांग एक आधिकारिक ईमेल में करें. अगर ऐसा ईमेल आता है, तो उसका जवाब देते समय एचआर को भी सीसी में डालें. उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि अगर मजबूरी हो, तो जीपीएस लोकेशन बदलने के तरीके यूट्यूब से सीख लें, ताकि कोई और परेशानी न हो.