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मदर्स डे: खून के रिश्‍ते से बढ़कर है इन दो 'मां' की कहानी

मदर्स डे: खून के रिश्‍ते से बढ़कर है इन दो 'मां' की कहानी
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मदर्स डे पर सैंकड़ों मांओं के संघर्ष और प्‍यार को बयां करती हुई खूबसूरत कहानियां शेयर हो रही हैं.
मदर्स डे: खून के रिश्‍ते से बढ़कर है इन दो 'मां' की कहानी
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ऐसे ही एक स्‍पेशल मां हैं, जो पंजाब में रहती हैं. वह 450 बच्‍चों की 'मां' हैं. खून का रिश्‍ता नहीं होने के बावजूद ये किसी भी बच्‍चे में फर्क नहीं करती हैं. इनका नाम जसवीर कौर है.
मदर्स डे: खून के रिश्‍ते से बढ़कर है इन दो 'मां' की कहानी
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एएनआई की खबर के अनुसार, पंजाब के लुधियाना की जसवीर कौर ने शादी नहीं की है. हालांकि उन्होंने शादी न करके उन बच्चों को अपना लिया जिन्हें कभी मां का प्यार नसीब नहीं हुआ या जो कम उम्र में ही बेघर हो गए.
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जसवीर 15 साल से स्वामी गंगानंद भुइयरवाला 'बाल घर' चला रही हैं. यह 450 अनाथ बच्चों का घर है जिनके जीवन में जसवीर मां की कमी पूरी कर रही हैं.
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जसवीर इन अनाथ बच्‍चों का खास ख्‍याल रखती हैं. वे हर वह चीज करती हैं जो एक मां अपने बच्‍चों के लिए करती है. अनाथालय खोलने का फैसला जसवीर का खुद का है. जसवीर ने 2003 में इस बालघर की शुरुआत की थी.
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वहीं दूसरी स्‍पेशल मां है शारदा. मुंबई की रहने वाली श्रद्धा खुद 2 बच्‍चों की मां हैं और साथ ही वह बेघर और गरीब बच्‍चों के लिए एक आश्रम चलाती हैं.
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बेटर इंडिया के एक आर्टिकल के अनुसार शारदा ने आश्रम 'शरणम' की स्‍थापना साल 2000 में की थी. शारदा इन बेघर लड़कियों को उनका सर्वश्रेष्‍ठ देने और आगे बढ़ने में प्रेरित करती हैं. कई लड़कियां इस आश्रम से निकलकर नर्सिंग, एचआर जैसे फ‍िल्‍ड और इंटल जैसी बड़ी कंपन‍ियों में काम कर रही हैं.
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