रिश्ता सिर्फ दिलों की धड़कनों का नाम भर नहीं, रिश्ते जिम्मेदारी निभाने के भी होते हैं. जिम्मेदारी एक पिता होने की, पुत्र होने की. छोटी-छोटी बातें भी रिश्तों में दरार ले आती हैं. इंसान जब रिश्तों से मुंह मोड़ लेता है, तो अंत में सिर्फ उसका अकेलापन रह जाता है. संजय सिन्हा से रिश्तों पर आधारित एक कहानी.