भारतीय टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा रियो ओलंपिक में भारत के पदक दावेदारों में टॉप पर हैं. स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा लगातार तीसरे ओलंपिक में हिस्सा लेने जा रही हैं. लेकिन ओलंपिक में सानिया के लिए अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होगा. क्योंकि देश की इस टेनिस क्वीन को रियो ओलंपिक की दो स्पर्धाओं में उतरना है. मिक्स डबल्स में रोहन बोपन्ना और महिला डबल्स मुकाबले में युवा खिलाड़ी प्रार्थना थोम्बेर के साथ.
सानिया को ओलंपिक में पदक की आस
सानिया मिर्जा अबतक ओलंपिक में कोई भी मेडल नहीं जीत सकी हैं. वो महिला डबल्स की WTA रैंकिंग में टॉप पर कायम है. सानिया अबतक महिला डबल्स में 72 और मिक्स डबल्स में 16 खिलाड़ियों के साथ खेल चुकी हैं. 37 WTA खिताब, डबल्स मिक्स डबल्स में तीन-तीन ग्रैंड स्लैम और चार ITF खिताब जीतने वाली सानिया को रियो ओलंपिक में युवा भारतीय खिलाड़ी प्रार्थना थम्बोर के साथ तालमेल बिठाना होगा. सानिया और प्रार्थना की जोड़ी को विलियम्स बहनों जैसी कई मजबूत जोड़ियों के खिलाफ पदक के लिए कोर्ट पर उतरना होगा. ऐसे में दुनिया की डबल्स में नंबर एक खिलाड़ी सानिया के लिए पोडियम तक पहुंचना किसी भी लिहाज से आसान नहीं होने वाला है.
प्रार्थना पहली बार ओलंपिक में खेलेंगी
रियो ओलंपिक के चुने गए टेनिस दल में सबसे युवा टेनिस खिलाड़ी हैं प्रार्थना थोम्बेर. महाराष्ट्र में सोलापुर के पास एक छोटे से शहर बार्शी की रहने वाली हैं. ये उनका पहला ओलंपिक होगा. प्रार्थना ने सानिया के साथ भी बहुत ज्यादा मुकाबले नहीं खेले हैं. अंडर-14 के नेशनल्स में खिताब जीतने के बाद प्रार्थना को एक पहचान मिली, 2008 में वह टॉप युवा एशियाई खिलाड़ी के तौर पर चुनी गई. प्रार्थना की सबसे बड़ी उपलब्धि सानिया के साथ 2014 एशियान गेम्स में कांस्य पदक जीतना है. इसके अलावा उन्होंने फेडरेशन कप में भी कुछ मैच जीते हैं लेकिन रियों में उनकी असली परीक्षा होगी.