डेरेन ब्रावो के करियर के तीसरे शतक और शैनन गैब्रियल की शानदार गेंदबाजी से वेस्टइंडीज ने त्रिकोणीय एकदिवसीय क्रिकेट श्रृंखला में शुक्रवार रात फाइनल में जगह बना ली. 'करो या मरो' वाले मैच में वेस्टइंडीज ने दक्षिण अफ्रीका को 100 रन से हराया. फाइनल में अब उसका सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा.
ब्रावो बने मैन ऑफ द मैच
दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीता और वेस्टइंडीज को पहले बैटिंग का ऑफर दिया. वेस्टइंडीज की टीम ने 49.5 ओवर में 285 रन बनाए. ब्रावो ने 102 रन बनाए, जिसके लिये उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया. उनके अलावा कीरोन पोलार्ड ने 62, कप्तान जैसन होल्डर ने 40 और कालरेस ब्रेथवेट ने नाबाद 33 रन बनाए, अपना दूसरा वनडे खेल रहे गैब्रियल ने इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम को ध्वस्त कर दिया. उन्होंने चार गेंद के अंदर क्विंटन डिकाक, फाफ डुप्लेसिस और कप्तान एबी डिविलियर्स के विकेट लिए.
सुनील नारायण ने लिए 3 विकेट
दक्षिण अफ्रीका इससे नहीं उबर पाया और मोर्ने मोर्कल (नाबाद 32) और इमरान ताहिर (29) के बीच आखिरी विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी के बावजूद उसकी पूरी टीम 46 ओवर में 186 रन पर ढेर हो गई. गैब्रियल ने पांच ओवर में 17 रन देकर तीन विकेट लिए. बाद में स्पिनर सुनील नारायण ने अपनी उंगलियों का जादू दिखाया और 10 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट हासिल किए. ब्रावो ने मैच के बाद कहा, ‘मैं इस श्रृंखला में अच्छी शुरुआत कर रहा था, लेकिन उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पा रहा था. मैंने नेट्स पर अतिरिक्त अभ्यास किया और पोलार्ड के सहयोग से चीजें अनुकूल रही.’
गैब्रियल की फिटनेस चिंता का विषय
हालांकि, वेस्टइंडीज के लिए फाइनल से पहले गैब्रियल की फिटनेस चिंता का विषय है. उनके दाएं पैर में चोट लगी है. उन्होंने अपने पांच ओवर में दक्षिण अफ्रीकी शीर्ष क्रम को हिला कर रख दिया था. उन्हें हाशिम अमला का विकेट भी मिल जाता, लेकिन विकेटकीपर दिनेश रामदीन ने उन्हें जीवनदान दे दिया. तेज गेंदबाज कैगिसो रबादा ने इससे पहले वेस्टइंडीज के शीर्ष क्रम को भी झकझोर कर उसका स्कोर चार विकेट पर 21 रन कर दिया था, लेकिन ब्रावो का शतक टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ.